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मुंबई। अमेरिका-ईरान वार्ता में सकारात्मक प्रगति और वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने की उम्मीदों के बीच सोमवार को घरेलू शेयर बाजारों में खरीददारी लौटी, जिससे सेंसेक्स 291 अंक और निफ्टी 24,100 के पार बंद हुआ। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बीएसई का सेंसेक्स 291.17 अंक की बढ़त के साथ 77,094.07 पर बंद हुआ जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 89.80 अंक चढ़कर 24,102.90 के स्तर पर पहुंच गया। पिछले सत्र की कमजोरी के बाद बाजार की यह वापसी निवेशकों के मजबूत होते भरोसे का संकेत मानी जा रही है। क्यों खुश हुआ बाजार दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में सकारात्मक प्रगति की खबर सामने आई है। ईरान ने भी वार्ता में आगे बढ़ने के संकेत दिए हैं। यदि दोनों देशों के बीच समझौता होता है तो वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम हो सकता है, तेल की कीमतों पर दबाव घट सकता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिल सकती है। यही वजह रही कि निवेशकों ने जोखिम लेने की क्षमता बढ़ाई और बाजार में खरीदारी का माहौल बन गया। सिर्फ बड़े शेयर नहीं, पूरे बाजार में दिखी तेजी सोमवार की तेजी सिर्फ सेंसेक्स और निफ्टी तक सीमित नहीं रही। व्यापक बाजार में भी निवेशकों ने जमकर दांव लगाया। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.37 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। एनएसई में कारोबार करने वाले 3,455 शेयरों में से 2,148 शेयर हरे निशान में बंद हुए, जबकि केवल 1,205 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। यह आंकड़ा बताता है कि बाजार में तेजी काफी व्यापक रही। मीडिया, फार्मा और आईटी बने बाजार के हीरो सेक्टोरल मोर्चे पर मीडिया, फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में सबसे ज्यादा खरीददारी देखने को मिली। तेल एवं गैस और आईटी सेक्टर के शेयरों ने भी बाजार को मजबूती दी। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 18 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। टेक महिंद्रा का शेयर करीब 2 प्रतिशत चढ़ा। सन फार्मा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) में भी मजबूत तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, बजाज फाइनेंस और भारती एयरटेल जैसे दिग्गज शेयरों ने भी बाजार को सहारा दिया। इन शेयरों ने बिगाड़ा मूड हालांकि बाजार की इस तेजी में कुछ शेयर दबाव में भी रहे। एशियन पेंट्स का शेयर 2 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। टाइटन, पावरग्रिड, ट्रेंट, आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और अडानी पोर्ट्स के शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। दुनिया के बाजारों से भी मिला साथ वैश्विक बाजारों का रुख भी भारतीय बाजार के पक्ष में रहा। जापान का निक्केई 1.55 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 1.78 प्रतिशत की मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि हांगकांग का हैंगसेंग 0.65 प्रतिशत फिसल गया। यूरोपीय बाजारों में भी शुरुआती कारोबार के दौरान सकारात्मक माहौल देखने को मिला। आगे क्या जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अमेरिका-ईरान वार्ता की प्रगति पर निवेशकों की नजर बनी रहने के बीच बाजार सीमित दायरे में कारोबार करता रहा, हालांकि रुख सकारात्मक रहा। यूटिलिटी, बैंकिंग और हेल्थकेयर सेक्टर में बेहतर प्रदर्शन से बाजार धारणा को मजबूती मिली। उन्होंने कहा कि निवेशक फिलहाल सेक्टर और शेयर-विशिष्ट रणनीति अपनाकर निवेश कर रहे हैं। हालांकि मानसून की धीमी प्रगति महंगाई का दबाव बढ़ा सकती है, जिससे उपभोक्ता मांग और कृषि से जुड़े क्षेत्रों पर असर पड़ने की आशंका है। इसके बावजूद मजबूत कॉर्पोरेट आय वृद्धि और नीतिगत समर्थन के चलते बाजार का मध्यम अवधि का परिदृश्य अभी भी सकारात्मक बना हुआ है।



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