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नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने ऑनलाइन कट्टरपंथ से जुड़े एक मामले में नौ आरोपियों के खिलाफ आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा स्थित एनआईए की विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है । एजेंसी ने आरोप लगाया है कि आरोपी प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस के सदस्य या समर्थक थे और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जाकर हिंसक आतंकी गतिविधियों में शामिल करने की साजिश का हिस्सा थे। इन 9 आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट एनआईए शुक्रवार को बयान जारी कर बताया कि जिन नौ लोगों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया गया है, उनमें मोहम्मद रहमतुल्लाह शरीफ, मोहम्मद दानिश, मिर्जा सोहेल बेग, लकी अहमद, जिशान अब्दुल मजीद, मीर आशिफ अली, अब्दुल सलाम, शारुक खान और शेख फैज उर रहमान शामिल हैं। एनआईए ने इस मामले को आरसी-01/2026/एनआईए/वीएसकेपी के रूप में दर्ज किया है। नौ आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 61(2) के साथ धारा 3(5) और 152 तथा यूए(पी) अधिनियम की धारा 13(1), 38 और 39 के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया है। 23 मार्च को विजयवाड़ा में दर्ज हुई थी एफआईआर यह मामला शुरुआत में 23 मार्च 2026 को विजयवाड़ा के एनटीआर कमिश्नरेट के विजयवाड़ा द्वितीय टाउन पुलिस स्टेशन में एफआईआर संख्या 98/2026 के रूप में दर्ज किया गया था। उस समय भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और यूए(पी) अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में अब तक 11 आरोपियों और एक किशोर को गिरफ्तार किया जा चुका है। इंस्टाग्राम के जरिए साजिश आगे बढ़ाने का आरोप एनआईए का दावा है कि जांच में सामने आया कि आरोपी प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस के सदस्य और समर्थक थे और उन्होंने संगठन की गतिविधियों को समर्थन देने के लिए एक बड़ी साजिश रची थी। एजेंसी के अनुसार, आरोपी मुख्य रूप से इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंचों का इस्तेमाल कर रहे थे। एनआईए का आरोप है कि साजिश का उद्देश्य हिंसक जिहाद के जरिए भारत में खिलाफत स्थापित करना और देश की संप्रभुता तथा अखंडता को नुकसान पहुंचाना था। युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने का आरोप जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि आरोपी युवाओं को प्रभावित कर उन्हें कट्टरपंथ की ओर ले जा रहे थे और हिंसक आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहे थे। आरोपियों ने विस्फोटक बनाने और हथियार चलाने के प्रशिक्षण की योजना और तैयारी भी की थी। एनआईए के अनुसार, आरोपियों ने अपनी कथित साजिश को आगे बढ़ाने के लिए आपस में गुप्त रूप से बातचीत करने के उद्देश्य से एक सुरक्षित संचार ऐप विकसित किया और उसका परीक्षण भी किया था। यह तैयारी कथित हिंसक आतंकी गतिविधियों की योजना का हिस्सा थी। जांच अभी खत्म नहीं, बाकी आरोपियों और संदिग्धों पर नजर नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल होने के बावजूद मामले की जांच अभी जारी है। एनआईए ने साफ किया है कि बाकी आरोपियों और अन्य संदिग्धों के खिलाफ आगे की जांच चल रही है।



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