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नई दिल्ली। देश के यात्री वाहन बाजार में अगस्त में पहली बार बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक जैसे वैकल्पिक ईंधन वाले वाहनों की हिस्सेदारी पेट्रोल इंजन वाले वाहनों से आगे निकल गई । वाहन डीलरों के संगठन फाडा के मुताबिक, अगस्त में यात्री वाहनों की कुल बिक्री 4,02,398 इकाई रही, जिसमें वैकल्पिक ईंधन वाले वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर 41.95 प्रतिशत पहुंच गई, जबकि पेट्रोल वाहनों की हिस्सेदारी 40.85 प्रतिशत रही। अगस्त में बिके रिकॉर्ड 24.23 लाख वाहन फाडा की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में देशभर में कुल 24,23,201 वाहनों की खुदरा बिक्री हुई। पिछले साल अगस्त के मुकाबले यह 17.51 प्रतिशत अधिक है। यह किसी भी साल के अगस्त महीने में वाहन बिक्री का नया रिकॉर्ड है। हालांकि तस्वीर का दूसरा पहलू यह है कि जुलाई की तुलना में अगस्त में सभी वाहन सेगमेंट की बिक्री घटी है। कुल बिक्री में महीने-दर-महीने 6.48 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यात्री वाहनों की बिक्री 16.14% बढ़ी अगस्त में देश में 4,02,398 यात्री वाहन बिके, जो अगस्त 2025 की तुलना में 16.14 प्रतिशत अधिक हैं लेकिन इस आंकड़े से भी बड़ी खबर इन वाहनों के ईंधन विकल्प में आया बदलाव है। वैकल्पिक ईंधन वाले वाहनों की हिस्सेदारी 41.95 प्रतिशत हो गई, जबकि पेट्रोल वाहनों की हिस्सेदारी 40.85 प्रतिशत रही। फाडा के अध्यक्ष साई गिरिधर ने इसे एक ढांचागत बदलाव बताते हुए कहा कि देश के इतिहास में पहली बार यात्री वाहन बाजार में वैकल्पिक ईंधन ने पेट्रोल को पीछे छोड़ दिया है। सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों ने बदली तस्वीर फाडा ने वैकल्पिक ईंधन की श्रेणी में सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल किया है। इनकी बढ़ती हिस्सेदारी से संकेत मिलता है कि यात्री वाहन बाजार में ईंधन के विकल्प को लेकर बड़ा बदलाव सामने आ रहा है। अगस्त के आंकड़ों में वैकल्पिक ईंधन और पेट्रोल के बीच 1.10 प्रतिशत अंक का अंतर रहा। दोपहिया बाजार ने लगाई 19.69% की छलांग अगस्त में दोपहिया वाहनों की बिक्री भी मजबूत रही। कुल 17,14,610 दोपहिया वाहन बिके, जो सालाना आधार पर 19.69 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। हालांकि जुलाई की तुलना में दोपहिया बिक्री 5.70 प्रतिशत कम रही। फाडा अध्यक्ष के मुताबिक, आठ साल के उतार-चढ़ाव के बाद दोपहिया बिक्री का ट्रेंड फिर पटरी पर लौटा है। दोपहिया में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 10% के पार दोपहिया बाजार में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की मौजूदगी बढ़ी है। अगस्त में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर 10.68 प्रतिशत हो गई। एक साल पहले यह हिस्सेदारी 7.66 प्रतिशत थी। यानी सालभर में इसमें 3.02 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई।अगस्त में लगभग सभी प्रमुख वाहन श्रेणियों ने सालाना आधार पर बढ़त दर्ज की। तिपहिया वाहनों की बिक्री 8.64 प्रतिशत बढ़कर 1,22,281 इकाई रही, जबकि वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 14.45 प्रतिशत बढ़कर 90,769 इकाई पर पहुंच गई। ट्रैक्टरों की बिक्री 8.64 प्रतिशत बढ़कर 87,977 इकाई रही। वहीं निर्माण उपकरणों की बिक्री में सबसे तेज 31.45 प्रतिशत का उछाल आया और कुल 5,166 इकाइयां बिकीं। जुलाई के मुकाबले अगस्त में क्यों घटी बिक्री सालाना आधार पर मजबूत बढ़ोतरी के बावजूद जुलाई की तुलना में अगस्त कमजोर रहा। फाडा के अध्यक्ष साई गिरिधर ने इसके पीछे मानसून के दौरान सुस्ती और त्योहारों के कैलेंडर में बदलाव को वजह बताया। उनके मुताबिक, गणेश चतुर्थी और ओणम से जुड़ी खरीदारी सितंबर में खिसक गई। इसी कारण जुलाई की रिकॉर्ड बिक्री के मुकाबले अगस्त में कुल वाहन बिक्री 6.48 प्रतिशत कम रही। शहरों से ज्यादा तेज दौड़ा ग्रामीण ऑटो बाजार अगस्त के आंकड़ों में ग्रामीण बाजार की मजबूती भी खास रही। यात्री वाहनों की बिक्री शहरी क्षेत्रों में 10.93 प्रतिशत बढ़ी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में इसमें 24.99 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 16.33 प्रतिशत और तिपहिया वाहनों की बिक्री 23.95 प्रतिशत बढ़ी। इसके उलट शहरी क्षेत्रों में तिपहिया वाहनों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई। दोपहिया में भी गांवों ने शहरों को पछाड़ा दोपहिया वाहनों के मामले में भी ग्रामीण बाजार की वृद्धि शहरी बाजार से थोड़ी बेहतर रही। ग्रामीण क्षेत्रों में दोपहिया बिक्री 20.25 प्रतिशत बढ़ी, जबकि शहरों में वृद्धि 19.07 प्रतिशत रही। श्री साई गिरिधर के मुताबिक, ग्रामीण मांग अब सिर्फ मानसून पर निर्भर नहीं रह गई है। खेती से जुड़ी आय वाला क्षेत्र धीमा रहने के बावजूद आजीविका, सामान ढुलाई और निर्माण से जुड़ी ग्रामीण अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ती रही। ट्रैक्टर बिक्री को लगा झटका सालाना आधार पर ट्रैक्टरों की बिक्री 8.64 प्रतिशत बढ़ी, लेकिन जुलाई से तुलना करने पर तस्वीर अलग रही। अगस्त में ट्रैक्टर बिक्री में महीने-दर-महीने 25.03 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। फाडा अध्यक्ष ने इसके पीछे मानसून की कमी का असर बताया।ऑटो बाजार की निगाह अब त्योहारी सीजन पर है। फाडा के मुताबिक, गणेश चतुर्थी और ओणम की बिक्री का असर तथा नवरात्रि की शुरुआत आने वाले समय में बाजार को सहारा दे सकती है। दोपहिया वाहनों को त्योहारी मांग और वैकल्पिक ईंधन की ओर बढ़ते रुझान से समर्थन मिलने की उम्मीद है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी की उपलब्धता सीजन के आखिर में होने वाली बारिश पर निर्भर रहने की बात कही गई है। 81.62% डीलरों को बिक्री बढ़ने की उम्मीद त्योहारी सीजन को लेकर वाहन डीलर काफी उम्मीद लगाए बैठे हैं। फाडा के आंकड़ों के मुताबिक, 81.62 प्रतिशत डीलरों को सितंबर-अक्टूबर-नवंबर की अवधि में बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। यह वही समय है जब साल के प्रमुख त्योहारों का दौर चलता है। इसकी शुरुआत गणेश चतुर्थी और नवरात्रि से होती है और फिर धनतेरस तथा दिवाली तक खरीदारी का सिलसिला पहुंचता है।