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मुंबई। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक जहाजों के लिए खोले जाने की खबरों से उत्साहित निवेशकों की जोरदार लिवाली के दम पर घरेलू शेयर बाजार गुरुवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई का सेंसेक्स 254 अंक की बढ़त के साथ 77,409.98 पर बंद हुआ, जो इस साल 07 मई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं, निफ्टी 50 भी 82 अंक चढ़कर 24,168 पर पहुंच गया, जो 08 मई के बाद का उच्चतम स्तर है। होर्मुज स्ट्रेट खुलने की उम्मीद से बाजार में उत्साह अमेरिका ने ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते की मुख्य बातें सार्वजनिक की हैं। इसमें अंतिम समझौते से पहले ही होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यावसायिक जहाजों के लिए खोलने का प्रस्ताव शामिल है। इससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं कम हुईं, जिसका सकारात्मक असर भारतीय बाजारों पर भी दिखा। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी दमदार खरीदारी बाजार की चौतरफा तेजी का असर छोटे और मझोले शेयरों पर भी देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप-50 0.32% और स्मॉलकैप-100 0.44% की बढ़त के साथ बंद हुए। इन सेक्टर्स ने संभाली बाजार की कमान स्वास्थ्य, फार्मा, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, रियल्टी, मीडिया और केमिकल शेयरों में अच्छी खरीदारी रही। हालांकि आईटी सेक्टर दबाव में रहा और निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.19% फिसल गया। इंडिगो, ट्रेंट और बीईएल बने स्टार परफॉर्मर सेंसेक्स की कंपनियों में इंडिगो का शेयर करीब 2.75%, ट्रेंट 2.5% और BEL 2% तक उछला। एनटीपीसी, एसबीआई और एचडीएफसी बैंक में भी 1-2% की मजबूती देखने को मिली। आईटी शेयरों ने बिगाड़ा मूड दूसरी ओर इंफोसिस का शेयर 2.5% से ज्यादा टूट गया। टेक महिंद्रा और मारुति सुजुकी में 1% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। टीसीएस, एचसीएल टेक, एलएंडटी, कोटक महिंद्रा बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज भी लाल निशान में बंद हुए। मार्केट मूड बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव में नरमी और विदेशी संकेतों में सुधार से फिलहाल निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है। अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक माहौल कायम रहता है तो बाजार की यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है।



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