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टोक्यो। जापान की राजधानी टोक्यो और आसपास के कांतो क्षेत्र में रविवार तड़के 5.9 तीव्रता के भूकंप से कम से कम 37 लोग घायल हो गए, जबकि अधिकारियों ने अगले एक सप्ताह तक इसी तरह के तेज झटकों की आशंका जताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। दक्षिणी इबारकी में था भूकंप का केंद्र जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, भूकंप का केंद्र दक्षिणी इबारकी प्रांत में जमीन से करीब 68 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। झटके इतने तेज थे कि टोक्यो समेत कई आसपास के प्रांतों में लोग नींद से जाग गए और इमारतों से बाहर निकल आए। ‘शिंदो’ पैमाने पर पांच तक पहुंची तीव्रता टोक्यो के अदाची वार्ड के अलावा इबारकी, साइतामा और चिबा प्रांतों के कुछ हिस्सों में भूकंप की तीव्रता जापान के सात-बिंदु वाले ‘शिंदो’ पैमाने पर पांच दर्ज की गई। टोक्यो के अन्य इलाकों के साथ तोचिगी, गुन्मा और कानागावा प्रांतों में चार स्तर के झटके महसूस किए गए। टोक्यो में 15, चार प्रांतों में 22 लोग घायल अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, साइतामा, चिबा, कानागावा और इबारकी प्रांतों में 22 लोग मामूली रूप से घायल हुए, जबकि टोक्यो में 15 लोगों के घायल होने की सूचना है। कानागावा में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है। जापान के राष्ट्रीय प्रसारक एनएचके के अनुसार, इबारकी प्रांत के उशिकु सिटी हॉल की छत का एक हिस्सा भूकंप के कारण ढह गया। टोक्यो के कुछ इलाकों में लिफ्टों में लोगों के फंसने की सूचनाएं भी मिलीं, जिसके बाद बचाव दलों को मौके पर भेजा गया। सुनामी का कोई खतरा नहीं भूकंप के बाद सबसे बड़ी राहत यह रही कि अधिकारियों ने सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की । समुद्री तटों पर रहने वाले लोगों से सामान्य सतर्कता बनाए रखने को कहा गया है। भूकंप के कारण रविवार सुबह जापान की कई रेल सेवाएं प्रभावित हुईं। जेआर ईस्ट ने जोबन लाइन, केहिन-तोहोकू लाइन और शोनान-शिंजुकु लाइन समेत कई मार्गों पर ट्रेनों में देरी की जानकारी दी। सरकार ने बनाया आपदा नियंत्रण केंद्र घटना के तुरंत बाद प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय के आपदा प्रबंधन केंद्र में एक विशेष संपर्क कार्यालय भी स्थापित किया गया है। प्रधानमंत्री ने तेज झटके महसूस करने वाले क्षेत्रों के नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों को इसी तीव्रता के एक और भूकंप की आशंका को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा संबंधी तैयारियां बनाए रखनी चाहिए।