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नई दिल्ली, एजेंसी। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में विपक्ष के जोरदार हंगामे के कारण बुधवार को लोकसभा में प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके तथा सरकार के चर्चा के लिए तैयार होने के बावजूद गतिरोध खत्म नहीं होने पर सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। सदन शुरू होते ही शुरू हुआ हंगामा लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सांसद अपनी सीटों पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। कुछ सांसद तख्तियां लेकर सदन के बीच पहुंच गए जबकि कांग्रेस के सदस्य विरोध के प्रतीक के तौर पर काले कपड़ों में नजर आए।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बार-बार सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया और भरोसा दिलाया कि इसके बाद सभी मुद्दों पर चर्चा कराई जाएगी लेकिन विपक्ष नहीं माना। इसके चलते कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। विपक्ष की मांग- पहले इस्तीफा, फिर चर्चा दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो हंगामा फिर शुरू हो गया। कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि छात्रों और विपक्षी नेताओं के साथ पुलिस का व्यवहार बेहद अनुचित रहा है। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पहले इस्तीफा दें, उसके बाद नीट पेपर लीक पर विस्तृत चर्चा कराई जाए। सरकार का जवाब- चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार नीट पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। उन्होंने कहा कि चर्चा किस नियम के तहत होगी और कितनी देर चलेगी, यह सभी दलों की सहमति से तय किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि देश के युवाओं से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सार्थक चर्चा हो। अखिलेश यादव बोले- यह किसी पार्टी का नहीं, युवाओं का मुद्दा समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि पेपर लीक का मामला किसी एक राजनीतिक दल का नहीं बल्कि पूरे देश के छात्रों और युवाओं का मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर पुलिस ने बर्बर कार्रवाई की और छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार हुआ। साथ ही सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री संसद के बाहर नीट पर बोल सकते हैं तो सदन के भीतर इस मुद्दे पर जवाब क्यों नहीं देते। बार-बार अपील, फिर भी नहीं थमा गतिरोध सभाध्यक्ष श्री बिरला ने विपक्ष से कई बार अपने स्थान पर लौटने और सदन चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और समय एवं नियम आपसी बातचीत से तय किए जा सकते हैं। हालांकि, विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी करते रहे। दोपहर दो बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी स्थिति नहीं बदली। आखिरकार पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने लगातार हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी।



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