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मोतिहारी। बिहार में पूर्वी चंपारण जिले की एक अदालत ने गांजा तस्करी के मामले में आज तीन अभियुक्तों को 10-10 वर्ष के साथ ही 40-40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। एनडीपीएस न्यायालय-दो के विशेष न्यायाधीश बृजेश कुमार ने 28.30 किलोग्राम गांजा बरामदगी के मामले में तीन अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों पर 40-40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर प्रत्येक को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सजा पाने वालों में हरसिद्धि थाना क्षेत्र के मुंशी बाजार निवासी अंकित कुमार, कमलजीत कुमार और रितु कुमार शामिल हैं। गुप्त सूचना ने खोला नेपाल से गांजा तस्करी का रास्ता मामला हरपुर (आदापुर) थाना कांड संख्या 10/2025 से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, 16 जनवरी 2025 को तत्कालीन थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान को गुप्त सूचना मिली थी कि नेपाल से एक हुंडई कार के जरिए भारी मात्रा में गांजा बिहार लाया जा रहा है।सूचना मिलते ही पुलिस ने हरपुर बैरिया चिकनी पेट्रोल पंप के समीप घेराबंदी कर संदिग्ध हुंडई कार को रोक लिया। तलाशी के दौरान कार से 28.30 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने चालक समेत तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। सात गवाहों की गवाही, फिर अदालत का फैसला मामले की सुनवाई एनडीपीएस वाद संख्या 106/2024 के तहत हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रभाष त्रिपाठी ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर उनकी गवाही कराई। सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने तीनों अभियुक्तों को दोषी पाया। विशेष न्यायाधीश ने उन्हें एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)ii(सी), 23(सी), 25 एवं 29 के तहत दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और 40-40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।



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