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मुंबई। बीते सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुए घरेलू शेयर बाजार की आगे की चाल अब सोमवार को जारी होने वाले सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्र के पीएमआई, वाहन बिक्री के आंकड़ों तथा अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट और फेडरल रिजर्व के संकेतों जैसे वैश्विक कारकों से तय होगी। नए सप्ताह में इन आंकड़ों पर रहेगी नजर आने वाले सप्ताह की शुरुआत जीडीपी के आंकड़ों से होगी। सोमवार को देश की आर्थिक वृद्धि से जुड़े आंकड़े जारी किए जाएंगे, जिनसे अर्थव्यवस्था की रफ्तार और कंपनियों की भविष्य की कमाई को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मिलने की उम्मीद है। इसके बाद मंगलवार को विनिर्माण क्षेत्र के पीएमआई और वाहन बिक्री के आंकड़े जारी होंगे। सेवा क्षेत्र के पीएमआई आंकड़े तीन सितंबर को आएंगे। इन आंकड़ों से औद्योगिक गतिविधियों, मांग, उत्पादन और कारोबारी माहौल की स्थिति का पता चलेगा। घरेलू आंकड़ों के साथ वैश्विक संकेत भी बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशक अमेरिकी रोजगार आंकड़ों, कारोबारी धारणा से जुड़े संकेतकों और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति पर नजर रखेंगे। सेंसेक्स 276 अंक और निफ्टी 76 अंक टूटा बीते सप्ताह शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मंगलवार और शुक्रवार को बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि बाकी तीन कारोबारी सत्रों में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स सप्ताह के दौरान 276.32 अंक यानी 0.36 प्रतिशत गिरकर 77,264.51 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 भी 76.35 अंक यानी 0.31 प्रतिशत टूटकर सप्ताहांत पर 24,175.65 अंक पर आ गया। बड़ी कंपनियां कमजोर, मिडकैप-स्मॉलकैप ने दिखाई ताकत बीते सप्ताह प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के बावजूद व्यापक बाजार का प्रदर्शन बेहतर रहा। मिडकैप-50 सूचकांक में साप्ताहिक आधार पर 0.47 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.51 प्रतिशत चढ़ा। बड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी सीमित और चुनिंदा रही, लेकिन मझोली और छोटी कंपनियों को बेहतर कमाई की संभावना तथा घरेलू कारोबार पर अधिक निर्भरता का फायदा मिला। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के परिणाम कुल मिलाकर संतोषजनक रहने के बाद अब निवेशकों का ध्यान इस बात पर है कि कंपनियां वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच मुनाफे की रफ्तार कितने समय तक बनाए रख पाती हैं। भारती एयरटेल में सबसे बड़ी गिरावट सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 15 के शेयर साप्ताहिक गिरावट में रहे। भारती एयरटेल का शेयर सबसे ज्यादा 3.33 प्रतिशत टूटा। इसके अलावा एनटीपीसी में 2.51, महिंद्रा एंड महिंद्रा में 2.48, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 2.25, पावरग्रिड में 1.96 और बजाज फिनसर्व में 1.51 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह बजाज फाइनेंस का शेयर 1.48, एशियन पेंट्स का 1.45, मारुति सुजुकी का 1.43, आईटीसी का 1.41 , एलएंडटी का 1.15 और एचडीएफसी बैंक का 1.03 प्रतिशत कमजोर हुआ। ट्रेंट में 0.80 प्रतिशत, बीईएल में 0.67 प्रतिशत और हिंदुस्तान यूनिलीवर में 0.33 प्रतिशत की गिरावट रही। कोटक महिंद्रा बैंक सबसे ज्यादा चढ़ा बढ़त वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक सबसे आगे रहा और इसका शेयर 5.20 प्रतिशत मजबूत हुआ। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। टेक महिंद्रा में 3.34, इंफोसिस में 2.11, और टीसीएस में दो प्रतिशत की साप्ताहिक तेजी दर्ज की गई। टाटा स्टील का शेयर 1.97, इंडिगो का 1.76, टाइटन का 1.67 और एक्सिस बैंक का 1.42 प्रतिशत और सन फार्मा का 1.01 प्रतिशत चढ़ा। एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 0.96, अडानी पोर्ट्स में 0.48, आईसीआईसीआई बैंक में 0.44, अल्ट्राटेक सीमेंट में 0.25, भारतीय स्टेट बैंक में 0.06 और इटरनल में 0.05 प्रतिशत की तेजी रही। ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों से कम डरा बाजार उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू शेयर बाजार ने पूरे सप्ताह मजबूती बनाए रखने की कोशिश की। अमेरिका की ओर से ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध बाजार की आशंका के मुकाबले कम सख्त रहे, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई। कच्चा तेल सस्ता होने से भारत में आयातित महंगाई बढ़ने की चिंता कुछ कम हुई। इसके साथ रुपये की मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी ने भी निवेशकों की धारणा को सहारा दिया। पश्चिम एशिया में तनाव बने रहने के बावजूद इन सकारात्मक संकेतों ने बाजार में बड़ी गिरावट को रोकने में मदद की। आरबीआई के सख्त संकेतों से बॉन्ड यील्ड पर दबाव घरेलू स्तर पर भारतीय रिजर्व बैंक की अगस्त बैठक के विवरण में सख्त मौद्रिक रुख के संकेत मिलने से स्थानीय बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हुई। ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने की आशंका से बाजार की धारणा पर कुछ दबाव रहा।निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन के जैक्सन होल संबोधन पर भी रही, जिससे अमेरिका में ब्याज दरों की आगे की दिशा को लेकर संकेत मिलने की उम्मीद है। धातु और आईटी शेयरों ने संभाला मोर्चा क्षेत्रवार प्रदर्शन में धातु कंपनियों के शेयर सबसे आगे रहे। जिंस कीमतों में मजबूती और बेहतर प्राप्ति की संभावना से इस क्षेत्र को समर्थन मिला। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। एनवीडिया के मजबूत नतीजों और उत्साहजनक अनुमान से कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े निवेश जारी रहने की उम्मीद बढ़ी। इससे उन भारतीय आईटी कंपनियों के लिए संभावनाएं बेहतर हुई हैं, जो कंपनियों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता लागू करने और कार्यप्रणाली को उससे जोड़ने का काम करती हैं। दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से तेल उत्पादन करने वाली कंपनियों के शेयरों पर दबाव पड़ा। कच्चे माल की लागत बढ़ने की आशंका के कारण रोजमर्रा के उपभोक्ता सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयर भी कमजोर रहे। अमेरिकी रोजगार आंकड़े और भारत की जीडीपी होंगे निर्णायक जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर के अनुसार, आने वाले दिनों में बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन की टिप्पणियों, अमेरिका के रोजगार आंकड़ों, कारोबारी धारणा से जुड़े संकेतकों और भारत की जीडीपी वृद्धि दर पर रहेगी। इन आंकड़ों से आर्थिक विकास की रफ्तार, वैश्विक ब्याज दरों की दिशा और कंपनियों की कमाई की संभावनाओं को लेकर बाजार को नए संकेत मिलेंगे। ऐसे में नया सप्ताह घरेलू शेयर बाजार के लिए आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रमों के लिहाज से बेहद अहम रहने वाला है।