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पटना। बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसते हुए शुक्रवार को 10 और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, जिससे पिछले एक महीने में कार्रवाई झेलने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है। 15 लाख रिश्वत मामले में डीसीएलआर पर कार्रवाई राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने बताया कि सबसे चर्चित मामला पटना सिटी की भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) अभिलाषा सिन्हा का है। उन पर दाखिल-खारिज अपील वाद के निपटारे के बदले बिचौलिये के जरिए 15 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। विभाग ने उनके खिलाफ आरोप पत्र गठित करते हुए निलंबन की अनुशंसा की है। ऑनलाइन रिश्वत देने की कोशिश भी आई सामने हाजीपुर के तत्कालीन अंचल अधिकारी मुकुल कुमार झा के खिलाफ निगरानी थाने में दर्ज भ्रष्टाचार मामले के आधार पर आरोप पत्र बनाया गया है। वहीं, औरंगाबाद के सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी नीलकमल कुमार सिन्हा पर मुख्यालय के एक अधिकारी को ऑनलाइन रिश्वत देने की कोशिश का आरोप लगा है, जिसके बाद उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई है। दाखिल-खारिज और सरकारी जमीन मामलों में गड़बड़ी सीतामढ़ी के रून्नीसैदपुर के राजस्व अधिकारी विश्वामित्र खरवार पर बिना पर्याप्त रिकॉर्ड के आवेदन खारिज करने और अमीन के माध्यम से पांच हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। किशनगंज सदर के अंचल अधिकारी राहुल कुमार पर दाखिल-खारिज मामलों को गलत तरीके से खारिज करने और सरकारी भूमि को रैयती घोषित करने जैसी गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। वहीं, पटना के संपतचक अंचल अधिकारी अमित कुमार पर दाखिल-खारिज और परिमार्जन मामलों में अनावश्यक आपत्तियां लगाकर लोगों को परेशान करने के आरोप लगे हैं। मुजफ्फरपुर के कुढ़नी के तत्कालीन राजस्व अधिकारी धीरज कुमार के विरुद्ध विभागीय कार्यों में रुचि नहीं लेने, मुख्यालय से अनधिकृत अनुपस्थिति तथा दाखिल-खारिज मामलों में अनियमितता बरतने के आरोप में आरोप पत्र गठित किया गया है। इसी तरह सहरसा में पदस्थापना के दौरान अतिक्रमण मामलों में नियमों के अनुरूप आदेश नहीं देने तथा गलत तथ्यों के आधार पर वरीय अधिकारियों को गुमराह करने के आरोप में वर्तमान में बांका में पदस्थापित अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी रंजीत कुमार के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई को मंजूरी दी गई है। एक अधिकारी की वेतन वृद्धि रोकी गई समस्तीपुर की अंचल अधिकारी पुष्पलता कुमारी पर दाखिल-खारिज मामलों में अनियमितता साबित होने पर उनकी एक वेतन वृद्धि रोक दी गई है। दूसरी ओर पश्चिम चंपारण के बगहा-1 की अंचल अधिकारी नर्मदा श्रीवास्तव पर मामलों को लंबित रखने और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोप में आरोप पत्र गठित किया गया है। मंत्री का साफ संदेश: भ्रष्टाचार पर कोई समझौता नहीं मंत्री डॉ. जायसवाल ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ "जीरो टॉलरेंस" नीति लागू है। जनता से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध सेवा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को पद का दुरुपयोग करने की छूट नहीं दी जाएगी। एक महीने में 60 पर कार्रवाई गौरतलब है कि 12 जून को भी विभाग ने आठ अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। पिछले एक महीने के दौरान भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, सरकारी जमीन मामलों में गड़बड़ी और प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों में कुल 60 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है।



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