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नई दिल्ली। सुपर एसयूवी सेगमेंट में रफ्तार और पावर का नया चेहरा सामने आया है। लेम्बॉर्गिनी की नई उरुस एसई परफॉर्मांटे अब सिर्फ एक लग्जरी एसयूवी नहीं रही बल्कि कंपनी के दावे के मुताबिक यह दुनिया की सबसे तेज़ सुपर एसयूवी बन गई है। इसकी टॉप स्पीड 312 किमी प्रति घंटा है, यह 0 से 100 किमी प्रति घंटा सिर्फ 3.3 सेकंड में पकड़ लेती है और इसमें मिलता है 812 सीवी पावर वाला प्लग-इन हाइब्रिड सेटअप । यानी यह एसयूवी सीधे-सीधे उन खरीदारों को टारगेट करती है जो एसयूवी के फॉर्म में सुपरकार जैसा एक्सपीरियंस चाहते हैं। सबसे बड़ी बात: यही है अब तक की सबसे तेज़ उरुस नई लेम्बॉर्गिनी उरुस एसई परफॉर्मांटे की सबसे बड़ी खासियत इसकी बेमिसाल स्पीड और परफॉर्मेंस है। कंपनी के मुताबिक यह मॉडल 0 से 200 किमी प्रति घंटा सिर्फ 10.8 सेकंड में पहुंच जाती है और इसकी टॉप स्पीड 312 किमी प्रति घंटा है। यही आंकड़े इसे सुपर एसयूवी सेगमेंट में सबसे ऊपर खड़ा करते हैं। खास बात यह है कि लेम्बॉर्गिनी ने सिर्फ स्पीड नहीं बढ़ाई, बल्कि इसे ज्यादा कंट्रोल, बेहतर एयरोडायनामिक्स और हाई-स्पीड स्टेबिलिटी के साथ पेश किया है। हाइब्रिड पावर, लेकिन एटीट्यूड पूरी सुपरकार वाला उरुस एसई परफॉर्मांटे में 4.0-लीटर ट्विन-टर्बो वी8 इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर दी गई है। दोनों मिलकर 812 सीवी पावर और 1000 एनएम टॉर्क जनरेट करते हैं। यही नहीं, लेम्बॉर्गिनी का कहना है कि यह मॉडल पिछली उरुस परफॉर्मांटे के मुकाबले ज्यादा ताकतवर, ज्यादा तेज़ और ज्यादा रिस्पॉन्सिव है। यानी यहां हाइब्रिड टेक्नोलॉजी सिर्फ माइलेज या एफिशिएंसी के लिए नहीं, बल्कि रॉ परफॉर्मेंस को अगले लेवल पर ले जाने के लिए इस्तेमाल की गई है। सिर्फ तेज़ नहीं, ट्रैक पर भी ज्यादा शार्प नई उरुस एसई परफॉर्मांटे को सिर्फ सीधी रफ्तार के लिए नहीं बनाया गया, बल्कि इसे ट्रैक-फोकस्ड एसयूवी की तरह ट्यून किया गया है। कंपनी ने इसमें नई ऑरा डुअल-चेंबर एयर सस्पेंशन , बेहतर ब्रेक कूलिंग, ज्यादा डाउनफोर्स और एडवांस्ड डायनामिक कंट्रोल सिस्टम दिए हैं। लेम्बॉर्गिनी का दावा है कि इससे बॉडी रोल कम हुआ है, ब्रेकिंग और कॉर्नरिंग ज्यादा सटीक हुई है और हाई-स्पीड पर ड्राइवर को बेहतर कॉन्फिडेंस मिलता है। कार्बन फाइबर बॉडी और हल्का वजन, इसलिए और खतरनाक हुई परफॉर्मेंस उरुस एसई परफॉर्मांटे में बड़े पैमाने पर कार्बन फाइबर का इस्तेमाल किया गया है। बोनट, बंपर, व्हील आर्च, डिफ्यूज़र और कई दूसरे हिस्सों में कार्बन फाइबर देकर एसयूवी का वजन कम किया गया है। इसका सीधा फायदा इसकी परफॉर्मेंस पर दिखता है, क्योंकि कंपनी के मुताबिक इसका पावर-टू-वेट रेशियो 3 किलोग्राम/सीवी तक पहुंच गया है, जो इस सेगमेंट में बेहद आक्रामक आंकड़ा माना जाएगा। एक और ट्विस्ट: 60 किमी से ज्यादा सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड पर भी चल सकती है इतनी आक्रामक परफॉर्मेंस के बीच एक दिलचस्प बात यह भी है कि यह एसयूवी सिर्फ रफ्तार की मशीन नहीं है। इसमें 25.9 किलोवॉट-आवर बैटरी दी गई है, जिसकी मदद से यह 60 किमी से ज्यादा सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड पर चल सकती है। यानी शहर में यह एक शांत, इलेक्ट्रिफाइड लग्जरी एसयूवी की तरह भी इस्तेमाल की जा सकती है, लेकिन जैसे ही ड्राइवर मूड बदले, यही कार 312 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली सुपर एसयूवी में बदल जाती है। ऑफ-रोड का भी इंतजाम, नया रैली मोड बना खास लेम्बॉर्गिनी ने इसमें नया रैली मोड भी दिया है, जिसे खासतौर पर ढीली सतहों और ऑफ-रोड ड्राइविंग के लिए तैयार किया गया है। इसके अलावा इसमें स्ट्राडा, स्पोर्ट, कोर्सा और ईवी मोड भी मिलते हैं। यानी उरुस एसई परफॉर्मांटे सिर्फ हाईवे और ट्रैक की मशीन नहीं, बल्कि अलग-अलग मूड और अलग-अलग टेरेन के हिसाब से खुद को बदलने वाली हाई-परफॉर्मेंस एसयूवी है।



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