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पटना। बिहार सरकार के निर्णय के आलोक में महाधिवक्ता के जारी पत्र का अनुपालन करते हुए पटना के लोक अभियोजक ने नीट यूजी आंदोलन से जुड़े 27 मामलों में मुकदमा वापस करने के लिए आवेदन दाखिल कर दिया। नीट यूजी प्रश्न पत्र लीक को लेकर दिल्ली और पूरे भारत में हुए आंदोलन के दौरान 26 जुलाई 2026 की शाम 6:00 बजे तक पूरे बिहार में आंदोलनकारी के खिलाफ 64 मुकदमे दर्ज हुए थे, जिनमें से 27 मुकदमे पटना शहर में थे। पटना शहर में दर्ज किए गए 27 मुकदमे में सबसे ज्यादा 16 मुकदमे कोतवाली थाना में दर्ज किए गए थे जबकि गांधी मैदान थाना में 6, सचिवालय थाना में चार और शास्त्री नगर थाना में एक मुकदमा दर्ज किया गया था । सरकार के निर्णय के बाद महाधिवक्ता ने पत्र जारी कर सभी जिलों के जिला अधिकारी को उपरोक्त 64 मुकदमों को वापस लिए जाने का निर्देश दिया था, जिसके आलोक में सभी जिलाधिकारियों ने लोक अभियोजको को पत्र लिखकर इन मुकदमों को वापस लेने का अनुरोध किया था। इसके बाद पटना के लोक अभियोजक राजेश कुमार के निर्देश पर सभी मुकदमों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 360 के तहत मुख्य अभियोजन पदाधिकारी विद्यासागर के देखरेख में अलग-अलग आवेदन दाखिल किया गया। इन मुकदमों में से एक मुकदमा गांधी मैदान थाना कांड संख्या 400 /2026 जनशक्ति जनता दल के संस्थापक तेजप्रताप यादव के खिलाफ दर्ज है जिसे भी वापस लिया गया है। आवेदन दाखिल होने के कारण जेल में बंद तेज प्रताप यादव समेत सैकड़ो आंदोलनकारियों को जेल से मुक्त कर दिया जाएगा।