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हरारे। जिम्बाब्वे में हरारे का मैदान अब 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के लिए सिर्फ एक क्रिकेट ग्राउंड नहीं बल्कि रिकॉर्ड बनाने की सबसे पसंदीदा जगह बनता जा रहा है। कुछ महीने पहले इसी मैदान पर आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में शतक लगाकर दुनिया का ध्यान खींचने वाले वैभव ने अब सीनियर क्रिकेट में भी ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसकी चर्चा लंबे समय तक होगी। भारत और ज़िम्बाब्वे के बीच गुरुवार को खेले गए पहले टी20 इंटरनेशनल में युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी ने शानदार अर्धशतक जड़ते हुए पुरुषों के टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। 15 साल की उम्र... और रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड महज 15 साल 118 दिन की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने टी20 इंटरनेशनल में अर्धशतक लगाकर इतिहास रच दिया। उन्होंने जिब्राल्टर के लुइस ब्रूस का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2021 में 16 साल 56 दिन की उम्र में अपना पहला टी20 अर्धशतक बनाया था। सबसे कम उम्र में टी20 इंटरनेशनल फिफ्टी लगाने वाले खिलाड़ियों की सूची में अब वैभव सबसे ऊपर पहुंच गए हैं। फुल मेंबर देशों में भी नंबर-1 बने वैभव सिर्फ ओवरऑल रिकॉर्ड ही नहीं बल्कि टेस्ट खेलने वाले (फुल मेंबर) देशों के बीच भी वैभव ने नया इतिहास रच दिया। उन्होंने अफगानिस्तान के स्टार ओपनर रहमानुल्लाह गुरबाज का रिकॉर्ड तोड़ दिया। गुरबाज ने 2019 में 17 साल 296 दिन की उम्र में अपना पहला टी20 अर्धशतक लगाया था जबकि वैभव ने यह उपलब्धि लगभग दो साल पहले ही हासिल कर ली। जिस अंदाज में पूरी की फिफ्टी, वही बन गया यादगार पल रिचर्ड न्गारावा की गेंद पर वैभव ने गेंद को सीधे बॉलर के ऊपर से खेलने की कोशिश की। शॉट पूरी तरह टाइम नहीं हुआ लेकिन उन्होंने फुर्ती दिखाते हुए दो रन पूरे किए और अपना पहला इंटरनेशनल अर्धशतक पूरा कर लिया। इसके बाद उन्होंने बल्ला उठाकर टीम के साथियों और खचाखच भरे हरारे स्पोर्ट्स क्लब में मौजूद दर्शकों का अभिवादन किया। यह पल उनके करियर के सबसे यादगार लम्हों में शामिल हो गया। सिर्फ बड़े शॉट नहीं, परिपक्व बल्लेबाजी भी दिखाई वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी में सिर्फ आक्रामक बल्लेबाजी ही नहीं की बल्कि विकेटों के बीच शानदार दौड़ और मैच की जरूरत के मुताबिक समझदारी भी दिखाई। उन्होंने भारत के लक्ष्य का पीछा आसान बनाया और साबित कर दिया कि उन्हें विश्व क्रिकेट का सबसे होनहार युवा खिलाड़ी क्यों माना जा रहा है। हरारे बना सफलता का नया पता हरारे स्पोर्ट्स क्लब अब वैभव सूर्यवंशी के करियर का सबसे खास मैदान बन चुका है। पहले अंडर-19 विश्व कप फाइनल का ऐतिहासिक शतक और अब सीनियर टी20 इंटरनेशनल में रिकॉर्डतोड़ पहली फिफ्टी—इस मैदान ने वैभव के करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। अगर अंडर-19 विश्वकप ने वैभव को दुनिया से परिचित कराया था तो हरारे में खेली गई यह रिकॉर्डतोड़ पारी उनके सीनियर इंटरनेशनल करियर की सबसे बड़ी दस्तक बन गई। 15 साल की उम्र में जिस आत्मविश्वास और निडर अंदाज से उन्होंने दुनिया के सामने अपनी प्रतिभा दिखाई है, उसने साफ कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक बड़ा सितारा मिल चुका है।



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