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पटना/मोतिहारी। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार के सीमावर्ती इलाकों में जारी हाई अलर्ट के बीच मुख्यमंत्री (सीएम) सम्राट चौधरी ने खुद मोर्चा संभालते हुए आज सोनपुर से वाल्मीकिनगर तक गंडक नदी का हवाई सर्वेक्षण किया और हालात का प्रत्यक्ष जायजा लिया। बैराज पर उतरे सीएम, खुद देखा जलस्राव का हाल मुख्यमंत्री ने वाल्मीकिनगर में लैंड करने के बाद सीधे वाल्मीकिनगर बैराज पहुंचकर अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम दोनों तरफ का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान बैराज पर जलस्राव करीब 1.06 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया। इतना ही नहीं, उन्होंने बैराज के नियंत्रण कक्ष में जाकर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से पल-पल की अपडेट भी ली। रात 11 बजे टकराई पीक लहर, फिर आई राहत... लेकिन खतरा अभी टला नहीं अधिकारियों ने सीएम को बताया कि 26 अगस्त की रात 11 बजे गंडक नदी का जलस्तर 1,50,200 क्यूसेक के पीक पर पहुंच गया था। इसके बाद जलस्तर में कमी आनी शुरू हुई लेकिन राहत की सांस लेने का वक्त अभी नहीं आया है। देवघाट क्षेत्र में हुई देर रात की बारिश ने एक बार फिर गंडक का जलस्तर बढ़ाना शुरू कर दिया है। हालांकि फिलहाल तटबंधों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं दिखा है, और विभाग हर घंटे स्थिति पर नजर रखे हुए है। बगहा, वाल्मीकिनगर, बेतिया, मोतिहारी पर खास नजर श्री चौधरी ने हवाई सर्वेक्षण के दौरान बगहा, वाल्मीकिनगर, बेतिया और मोतिहारी जैसे सीमावर्ती इलाकों की स्थिति पर विशेष रूप से ध्यान दिया। पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मौके पर मौजूद रहकर मुख्यमंत्री को ताज़ा हालात से अवगत कराया। सीएम का सख्त निर्देश — "पूरी तत्परता से डटे रहें अधिकारी" मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि संवेदनशील इलाकों में चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए और जरूरत पड़ने पर तुरंत एक्शन लिया जाए। उन्होंने दो टूक कहा, "बाढ़ की स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा और उन्हें हर संभव मदद पहुंचाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।" गंगा से थोड़ी राहत, पर सतर्कता बरकरार अच्छी खबर यह है कि गंगा नदी का जलस्तर घटते रुझान में है। हालांकि कुछ जगहों पर 1-2 सेंटीमीटर तक मामूली बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है, जिसके चलते जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन को लगातार निगरानी बनाए रखने को कहा गया है। सर्वे में कौन-कौन रहे मौजूद इस पूरे निरीक्षण अभियान में मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह और जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिंह मौजूद रहे।