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रामगढ़/नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने झारखंड के रामगढ़ जिले में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के एक मुख्य भंडारपाल को सुरक्षा गार्ड से उसकी चिकित्सीय स्थिति को देखते हुए हल्का कार्य जारी रखने के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। कौन है गिरफ्तार अधिकारी प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अरुण सिन्हा सीसीएल के बरका सयाल क्षेत्र स्थित सौंदा क्षेत्रीय स्टोर में मुख्य भंडारपाल (चीफ स्टोर कीपर) के पद पर कार्यरत है। उसके खिलाफ शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने मामला दर्ज कर कार्रवाई की। सुरक्षा गार्ड से मांगी गई थी रिश्वत सीबीआई के मुताबिक शिकायतकर्ता तिलेश्वर मांझी सीसीएल में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत है। उसकी चिकित्सीय स्थिति को देखते हुए उसे और कर्मियों से हल्के कार्य सौंपे गए थे ताकि वह अपनी नौकरी जारी रख सके। आरोप है कि इस व्यवस्था को जारी रखने और ड्यूटी में कोई परेशानी नहीं आने देने के बदले अरुण सिन्हा ने शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना सीबीआई को दी। सीबीआई ने बिछाया जाल शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद सीबीआई ने 21 जून 2026 को भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया और आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष ट्रैप की योजना बनाई। एजेंसी ने शिकायतकर्ता को आरोपी से संपर्क बनाए रखने को कहा। तय योजना के तहत जब आरोपी ने रिश्वत की रकम मांगी और उसे स्वीकार किया, उसी समय सीबीआई की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। रिश्वत लेते ही हुई गिरफ्तारी सीबीआई ने बताया कि आरोपी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथा गिरफ्तार किया गया। एजेंसी के अधिकारियों ने मौके पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आरोपी के कार्यालय और आवासीय परिसरों में तलाशी शुरू कर दी। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किसी बड़े भ्रष्टाचार नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं था और क्या उसने पहले भी इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दिया है। जांच अभी जारी सीबीआई ने कहा कि मामले की जांच जारी है। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



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