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मुंबई/जामनगर : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की वैश्विक दौड़ में भारत की ताकत बढ़ाने के लिए पेट्रोलियम समेत अलग-अलग क्षेत्रों के कारोबार करने वाली उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज और अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनी मेटा ने गुजरात के जामनगर में अत्याधुनिक एआई डेटा सेंटर बनाने का फैसला किया है, जो दो साल में तैयार होकर दुनिया भर में एआई सेवाओं और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देगा। कंपनी ने बुधवार को बताया कि रिलायंस इस परियोजना के तहत 168 मेगावाट क्षमता वाला डेटा सेंटर विकसित करेगी, जिसे अगले दो वर्षों में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाने का विकल्प भी मौजूद रहेगा। इस सुविधा का उपयोग मेटा अपनी वैश्विक एआई और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी। डेटा सेंटर के निर्माण से लेकर संचालन तक की पूरी जिम्मेदारी रिलायंस संभालेगी। इसमें डिजाइन, निर्माण, बिजली और अन्य सुविधाओं का प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा की आपूर्ति, नेटवर्क कनेक्टिविटी और संचालन सेवाएं शामिल होंगी। इससे रिलायंस भारत में बड़े एआई डेटा सेंटरों के लिए "वन-स्टॉप सॉल्यूशन प्रोवाइडर" के रूप में उभरेगी। जामनगर को इस परियोजना के लिए इसलिए चुना गया है क्योंकि यहां नवीकरणीय ऊर्जा, पानी की उपलब्धता, समुद्री केबल लैंडिंग स्टेशन की निकटता और जियो के व्यापक फाइबर नेटवर्क जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। खास बात यह है कि यह डेटा सेंटर पूरी तरह नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित होगा और इसकी कूलिंग के लिए समुद्र के पानी को शुद्ध करके इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे पर्यावरण पर प्रभाव कम होगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा कि यह साझेदारी भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए परिवर्तनकारी साबित होगी। उन्होंने कहा कि दुनिया की अग्रणी टेक कंपनियों में शामिल मेटा के लिए भारत का पहला विशेष डेटा सेंटर बनाना इस बात का प्रमाण है कि भारत वैश्विक एआई क्रांति में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। वहीं, मेटा के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि जामनगर में बनने वाली यह विश्वस्तरीय सुविधा कंपनी के वैश्विक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगी और भारत में उसके दीर्घकालिक निवेश को और गहरा बनाएगी।