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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मरीजों की सुरक्षा और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दर्द, संक्रमण, मधुमेह और त्वचा संबंधी उपचार में इस्तेमाल होने वाले 16 दवा मिश्रणों के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि जांच में इन दवाओं के फायदे पर्याप्त नहीं पाए गए, जबकि इनके इस्तेमाल से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम पैदा होने की आशंका है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हुई जांच सरकार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर देश में बिक रही कई दवाओं की विशेषज्ञों से समीक्षा कराई गई। जांच के दौरान कुछ ऐसी दवाएं सामने आईं, जिनमें अलग-अलग दवाओं को मिलाकर बनाया गया था लेकिन उनका चिकित्सा जगत में कोई ठोस औचित्य नहीं मिला। इसके बाद इन पर रोक लगाने का फैसला लिया गया। किन दवाओं पर लगी रोक प्रतिबंधित दवाओं में दर्द, पेट की ऐंठन, मधुमेह, संक्रमण और त्वचा देखभाल से जुड़े कई उत्पाद शामिल हैं। इनमें एस्पिरिन और एथोहेप्टाजीन वाला मिश्रण, पैरासिटामोल के साथ क्लिडिनियम ब्रोमाइड वाली दवाएं, पैरासिटामोल और लिग्नोकेन का संयोजन, ग्लिक्लाजाइड और क्रोमियम पिकोलीनेट वाली मधुमेह की दवा शामिल है। इनके अलावा एमोक्सिसिलिन, क्लोक्सासिलिन, सेफैड्रोक्सिल और सेफ्यूरोक्सिम जैसी एंटीबायोटिक दवाओं को अन्य तत्वों के साथ मिलाकर बनाए गए कई उत्पाद भी प्रतिबंधित किए गए हैं। एलोवेरा वाले कई उत्पाद भी सूची में सरकार की सूची में एलोवेरा और विटामिन-ई, जोजोबा ऑयल, ऑरेंज ऑयल, व्हीट जर्म ऑयल तथा टी-ट्री ऑयल जैसे तत्वों के मिश्रण से बने कई स्किन केयर उत्पाद भी शामिल हैं। विशेषज्ञों ने इन उत्पादों के संयोजन को वैज्ञानिक रूप से पर्याप्त नहीं माना। पूरे देश में तत्काल प्रभाव से लागू मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इन दवाओं और उत्पादों का निर्माण, बिक्री और वितरण अब पूरे देश में बंद रहेगा। राज्य औषधि नियंत्रकों और अन्य एजेंसियों को आदेश का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षित दवाओं पर सरकार का जोर मंत्रालय का कहना है कि सरकार केवल उन्हीं दवाओं को बाजार में रखने के पक्ष में है, जिनकी सुरक्षा और प्रभावशीलता वैज्ञानिक रूप से साबित हो चुकी हो। इसी उद्देश्य से समय-समय पर ऐसी दवाओं की समीक्षा की जाती है और जरूरत पड़ने पर उन पर कार्रवाई की जाती है। एक नजर में * 16 दवाओं और दवा-मिश्रणों पर लगी रोक * एंटीबायोटिक, दर्द निवारक और स्किन प्रोडक्ट शामिल * सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हुई समीक्षा * पूरे देश में तत्काल प्रभाव से लागू हुआ फैसला * मरीजों की सुरक्षा को बताया गया मुख्य कारण



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