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पटना। बिहार की राजधानी पटना स्थित एक विशेष अदालत ने 30 वर्ष पुराने अलकतरा घोटाले एक मामले में आज एक ट्रांसपोर्टर को तीन वर्षों के सश्रम कारावास के साथ ही 17 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद रुस्तम ने मामले में सुनवाई के बाद ट्रांसपोर्टर दूधेश्वर नाथ सिंह उर्फ डी. एन. सिंह को भारतीय दंड विधान की अलग-अलग धाराओं में गबन और धोखाधड़ी का दोषी करार देने के बाद यह सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को चार माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी । सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक राकेश दुबे ने बताया कि मामले की प्राथमिकी वर्ष 1996 में दर्ज की गई थी। सीबीआई ने इस मामले में वर्ष 1997 में छह लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। आरोप के अनुसार, मामला बीपीसीएल कोलकाता से पथ निर्माण विभाग जहानाबाद में की गई अलकतरा की आपूर्ति में लगभग 285 मिट्रिक टन अलकतरा के गबन का था, जिसकी कीमत लगभग 15 लाख रुपए आंकी गई थी। अभियोजन ने आरोप साबित करने के लिए इस मामले में 17 गवाहों का बयान अदालत में कलमबंद करवाया था। मामले के दो आरोपितों की मृत्यु विचारण के दौरान हो गई थी जबकि मामले के तीन अन्य आरोपितों को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।