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मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में यूरिया की किल्लत के बीच शनिवार को बंजरिया थाना क्षेत्र के दो गोदामों पर संयुक्त टीम की छापेमारी में कुल 13,372 बोरा अवैध उर्वरक बरामद किया गया , जिसे जिले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अनुमंडल पदाधिकारी, सदर, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर-1 और बंजरिया थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने दोनों गोदामों में छापेमारी की। इस दौरान कुल 13,372 बोरा अवैध उर्वरक बरामद किया गया। मामले में बंजरिया थाना कांड संख्या 519/26 दर्ज कर अग्रतर कार्रवाई की जा रही है। यूरिया की उपलब्धता को लेकर किसानों की परेशानी के बीच इतनी बड़ी मात्रा में अवैध उर्वरक की बरामदगी ने खाद के भंडारण, आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच का अहम पहलू यह होगा कि इतनी बड़ी मात्रा में उर्वरक कहां से आया, किसके नियंत्रण में था और इसे कहां भेजा जाना था। किसानों को खाद की किल्लत, गोदामों में हजारों बोरे कैसे जमा खेती के महत्वपूर्ण समय में किसान यूरिया के लिए परेशान हैं। ऐसे में दो गोदामों से 13,372 बोरा अवैध उर्वरक की बरामदगी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि खाद की आपूर्ति और वितरण की व्यवस्था में आखिर कहां चूक हुई। या फिर इतनी किल्लत के बीच ऐसे भंडारण की सहूलियत कैसे प्राप्त हुई। क्या उर्वरक निर्धारित प्रक्रिया के तहत किसानों तक पहुंचने के बजाय गोदामों में जमा किया जा रहा था? क्या इसके पीछे अवैध भंडारण या कालाबाजारी की मंशा थी? अथवा खाद को किसी अन्य गंतव्य तक पहुंचाने की तैयारी थी? इन सवालों का जवाब जांच और जब्त दस्तावेजों के मिलान से ही सामने आएगा। नेपाल सीमा से सटे पूर्वी चंपारण में उर्वरक की तस्करी की आशंका को भी जांच के दौरान परखा जा सकता है। यह जरूरी भी है, क्योंकि तकरीबन प्रत्येक दिन सीमावर्ती थानों और एसएसबी द्वारा तस्करी के उर्वरकों को पकड़े जाने की खबरें सर्खियाँ बन रही हैं। लक्ष्मण चौक गोदाम पर छापेमारी ने पहले ही खड़े किए थे सवाल बंजरिया प्रखंड के लक्ष्मण चौक स्थित खाद गोदाम पर हाल में हुई छापेमारी के बाद भी उर्वरक के भंडारण और लाइसेंस की वैधता को लेकर सवाल उठे थे। बताया गया था कि गोदाम सुनील कुमार उर्फ लड्डू का है। प्रशासनिक टीम ने गोदाम बंद मिलने के बाद करीब छह घंटे तक संचालक के आने का इंतजार किया था। बाद की पड़ताल में संबंधित थोक खाद लाइसेंस के निलंबन और नवीनीकरण की तिथियों, उर्वर के आवंटन तथा स्वीकृत भंडारण स्थलों की सूची को लेकर सवाल सामने आए। दावा किया गया था कि लक्ष्मण चौक स्थित गोदाम का नाम स्वीकृत भंडारण स्थलों की सूची में शामिल नहीं था। अंबिका नगर में भी संदिग्ध भंडारण, 670 बोरा यूरिया लदा ट्रक जब्त इससे पहले बंजरिया के अंबिका नगर स्थित खाद गोदाम पर हुई कार्रवाई में भी लाइसेंस निलंबित होने और वैध बिक्री रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराए जाने की जानकारी सामने आई थी। वहीं तकरीबन 5 दिन पूर्व छापेमारी अभियान के दौरान 670 बोरा यूरिया लदे ट्रक की जब्ती का मामला भी सामने आया था। इन घटनाओं और शनिवार की बड़ी बरामदगी ने खाद के भंडारण से लेकर परिवहन और बिक्री तक की पूरी व्यवस्था की जांच की आवश्यकता बढ़ा दी है। कृषि विभाग की निगरानी व्यवस्था भी जांच के दायरे में उर्वरक की उपलब्धता, भंडारण और वितरण पर निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित विभागीय व्यवस्था की है। ऐसे में हजारों बोरे अवैध उर्वरक की बरामदगी के बाद यह जांचना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित गोदामों में खाद की आवक-जावक का रिकॉर्ड क्या था, स्टॉक का सत्यापन कब हुआ और लाइसेंस एवं भंडारण नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। जांच में यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि उर्वरक किन स्रोतों से खरीदा गया, किस कीमत पर प्राप्त हुआ, किन वाहनों से लाया गया और किन कारोबारियों या वितरकों के माध्यम से आगे भेजा जाना था। अब जांच से खुलेगा खाद के अवैध कारोबार का राज बंजरिया थाना कांड संख्या 519/26 दर्ज होने के बाद पुलिस और प्रशासन की जांच का केंद्र अब बरामद उर्वरक का स्रोत, स्वामित्व, भंडारण और संभावित गंतव्य होगा। यह भी पता लगाया जाना है कि मामला अवैध भंडारण तक सीमित है या इसमें कालाबाजारी अथवा तस्करी की कोई संगठित गतिविधि शामिल है। किसानों को खाद की किल्लत के बीच 13,372 बोरा उर्वरक की बरामदगी ने आपूर्ति व्यवस्था की पारदर्शिता और निगरानी को बड़ा मुद्दा बना दिया है। अब जांच के नतीजे तय करेंगे कि इतनी बड़ी मात्रा में उर्वरक किन परिस्थितियों में जमा किया गया था और इसके लिए जिम्मेदार कौन-कौन लोग हैं।



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