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मुंबई। सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए डर और भरोसे के बीच झूलती रही। सुबह West Asia में बढ़ते तनाव और ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किए जाने की आशंकाओं से कच्चे तेल की कीमतें उछलीं, जिसका असर शेयर बाजार पर भी दिखा। निवेशकों ने शुरुआत में जमकर बिकवाली की, लेकिन यह घबराहट ज्यादा देर नहीं टिक सकी। महज दो घंटे के भीतर बाजार ने शानदार वापसी करते हुए शुरुआती नुकसान की भरपाई कर ली। निचले स्तरों पर खरीदारी लौटने, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों और विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की लगातार खरीददारी ने बाजार में फिर से जान फूंक दी। सेंसेक्स अपने इंट्राडे लो से करीब 550 अंक उछल गया। बंद होते-होते हरे निशान में लौटा बाजार दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बीएसई सेंसेक्स 47.01 अंक (0.06%) की बढ़त के साथ 77,616.40 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी 4.10 अंक (0.02%) चढ़कर 24,211.00 अंक पर पहुंच गया। आखिर बाजार ने इतनी तेज रिकवरी कैसे की? बाजार की वापसी के पीछे सबसे बड़ा कारण निचले स्तरों पर निवेशकों की वैल्यू बाइंग रही। जैसे ही शेयर सस्ते हुए, निवेशकों ने मजबूत कंपनियों में खरीददारी शुरू कर दी। दूसरी ओर, टीसीएस के बेहतर तिमाही नतीजों ने पूरे आईटी सेक्टर का मूड बदल दिया। आईटी शेयरों में जबरदस्त खरीददारी देखने को मिली, जिससे बाजार को मजबूत सहारा मिला। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार खरीददारी ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, दक्षिण कोरिया के चिप सेक्टर में कमजोरी के कारण विदेशी निवेशक भारत जैसे स्थिर और बेहतर ग्रोथ वाले बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं। यदि यह रुझान जारी रहता है तो भारतीय शेयर बाजार आने वाले समय में भी मजबूती बनाए रख सकता है। टीसीएस बनी दिन की सबसे बड़ी स्टार बेहतर तिमाही नतीजों के बाद टीसीएस के शेयरों में 5.43% की जोरदार तेजी दर्ज की गई। इसके साथ ही ट्रेंट, एसबीआई, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, टाइटन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, पावरग्रिड, कोटक महिंद्रा बैंक, एनटीपीसी, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक जैसे दिग्गज शेयरों में भी 0.04 से 5.02 फीसदी तक की खरीददारी देखने को मिली। आईटी सेक्टर ने दिनभर बाजार को मजबूती दी और सेक्टर इंडेक्स में 3.49% तक की तेजी दर्ज की गई। इन शेयरों पर रहा दबाव दूसरी ओर, टाटा स्टील के शेयरों में 2.09% की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, एलएंडटी, सन फार्मा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी, एशियन पेंट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अडानी पोर्ट्स, बीईएल, मारुति, इंडिगो, अल्ट्राटेक सीमेंट और इटरनल जैसे शेयर भी 1.55 फीसदी तक की कमजोरी के साथ बंद हुए। अब निवेशकों की नजर किस पर? बाजार की सोमवार की रिकवरी ने यह संकेत दिया है कि वैश्विक तनाव के बावजूद भारतीय बाजार में खरीदारी की ताकत बनी हुई है। अगर कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं, एफआईटाई की खरीददारी जारी रहती है और कंपनियों के तिमाही नतीजे मजबूत आते हैं तो आने वाले दिनों में बाजार में तेजी का माहौल और मजबूत हो सकता है।



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