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पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने बिहार में भोजपुर के शाहपुर में भरत तिवारी की मौत को फेक एनकाउंटर करार देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से माफी मांगने की मांग की और आरोप लगाया कि सरकार इस मामले के साथ-साथ कथित 20-25 हजार करोड़ रुपये के रिशु श्री भ्रष्टाचार प्रकरण से जुड़े बड़े लोगों को बचाने तथा जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने का प्रयास कर रही है। श्री यादव ने शनिवार को राजद प्रदेश कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "बिहार में फेक एनकाउंटर कोई नई बात नहीं है। पहले भी कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां कथित तौर पर जाति देखकर कार्रवाई की गई और पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला।" उन्होंने मुजफ्फरपुर के गायघाट और मधुबनी से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भी लोग न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं लेकिन सरकार की ओर से कोई गंभीर पहल नहीं दिखाई दे रही। भरत तिवारी मामले पर सरकार से सीधे सवाल नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि सरकार को खुद इस मामले पर संदेह नहीं है तो फिर जांच की घोषणा क्यों की गई। वहीं, यदि जांच हो रही है तो मृतक के परिवार और गांव वालों पर मुकदमा दर्ज करने की जरूरत क्या थी। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि वह सच सामने लाना चाहती है या मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की कार्यशैली कई सवाल खड़े कर रही है और जनता भी इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से देख रही है। 'रिशु श्री मामले से ध्यान भटकाने की साजिश' राजद नेता ने दावा किया कि भरत तिवारी एनकाउंटर और अन्य विवादित मुद्दों को उछालकर सरकार एक बड़े भ्रष्टाचार के मामले से लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने टेंडर माफिया रिशु श्री के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि यह 20 से 25 हजार करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला है और इसमें कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े लोगों को बचाने के लिए लगातार नए विवाद पैदा किए जा रहे हैं ताकि जनता का ध्यान असली मुद्दों से हट जाए। सुरक्षा, आवास और फेक एनकाउंटर जैसे मामलों को भी इसी रणनीति का हिस्सा बनाया जा रहा है। 'बिहार में अपराधियों का बोलबाला' श्री यादव ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा और कहा कि बिहार में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है और अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। सरकार अपराध पर नियंत्रण करने की बजाय राजनीतिक प्रबंधन में अधिक व्यस्त दिखाई देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब माफिया आज भी सक्रिय हैं और अवैध वसूली का बड़ा नेटवर्क चल रहा है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है, जिसके कारण स्थिति और खराब होती जा रही है। नीट परीक्षार्थियों को दी शुभकामनाएं, सरकार पर भी साधा निशाना नेता प्रतिपक्ष ने रविवार को होने वाली नीट परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दीं और कहा कि सभी परीक्षार्थी मेहनत और लगन के साथ परीक्षा दें और सफलता प्राप्त करें। हालांकि इस दौरान उन्होंने सरकार पर सवाल भी उठाए और कहा कि परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा के लिए भारतीय सेना जैसी संस्थाओं की मदद ली जा रही है लेकिन उन लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही जिन्होंने पेपर लीक कर छात्रों का भविष्य बर्बाद किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामलों में शामिल बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है और सरकार इस विषय पर चुप्पी साधे हुए है। परीक्षार्थियों के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं श्री यादव ने कहा कि हर बार सरकार परीक्षा के दौरान बड़ी-बड़ी घोषणाएं करती है लेकिन जमीनी स्तर पर छात्रों को सुविधाएं नहीं मिलतीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में भारी परेशानी उठानी पड़ती है क्योंकि पर्याप्त ट्रेन, बस और परिवहन व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई जाती। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार को अधिक गंभीर और संवेदनशील होने की जरूरत है। गरीबों पर बुलडोजर, महिलाओं को अधूरी मदद का आरोप राजद नेता ने सरकार पर गरीब विरोधी रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया और कहा कि राज्य के कई हिस्सों में गरीबों के घरों और झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। भीषण गर्मी के बीच गरीब परिवारों को बेघर किया जा रहा है लेकिन सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने महिलाओं से जुड़े आर्थिक सहायता कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि सरकार महिलाओं को आर्थिक मदद देने का दावा करती है तो उन्हें पूरी सहायता राशि क्यों नहीं दी जा रही। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस मुद्दे पर भी जवाब मांगा। कोचिंग विवाद की सीबीआई जांच की मांग श्री यादव ने कोचिंग संस्थानों से जुड़े विवादों की जांच को लेकर भी सरकार पर दबाव बनाया और कहा कि राजद की ओर से इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है। यदि सरकार सचमुच पारदर्शिता चाहती है तो उसे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। महंगाई पर भी सरकार को घेरा नेता प्रतिपक्ष ने बढ़ती महंगाई का मुद्दा भी उठाया और कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है लेकिन सरकार आम जनता को राहत देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर ऐसी नीतियां अपनाई जा रही हैं जो आम लोगों के हितों के खिलाफ हैं। जनता की समस्याओं को सुनने और समाधान करने की बजाय सरकार केवल प्रचार और घोषणाओं में व्यस्त है।



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