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बेलफास्ट। लोर्कान टकर और गैरेथ डेलानी की शानदार पारियों के बाद मैथ्यू हम्फ़्रीज़ और मैट होलार्ड की घातक गेंदबाज़ी के दम पर आयरलैंड ने पहले टी20 मुकाबले में विश्व चैंपियन भारत को 34 रन से हराकर टी20 इतिहास में पहली बार इंडियन टीम पर जीत दर्ज करते हुए दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। 51/4 से 182 तक... आयरलैंड ने बदली मैच की पूरी कहानी भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी चुनी और शुरुआत शानदार रही। एक समय आयरलैंड का स्कोर सिर्फ 51 रन पर चार विकेट था और लग रहा था कि टीम 150 तक भी नहीं पहुंच पाएगी। लेकिन, यहीं से कप्तान लोर्कान टकर ने मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने 36 गेंदों में 50 रन बनाकर पारी को संभाला जबकि गैरेथ डेलानी ने सिर्फ 32 गेंदों में 49 रन की विस्फोटक पारी खेलकर डेथ ओवरों में भारतीय गेंदबाजों की जमकर खबर ली। दोनों की शानदार बल्लेबाज़ी से आयरलैंड ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 182 रन ठोक दिए। प्रसिद्ध कृष्णा बने सबसे महंगे गेंदबाज़ डेथ ओवरों में प्रसिद्ध कृष्णा की जमकर धुनाई हुई। उन्होंने अपने चार ओवर में 57 रन लुटा दिए और एक भी विकेट नहीं ले सके। हालांकि हर्षित राणा ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए तीन विकेट झटके जबकि अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल को दो-दो सफलताएं मिलीं। 183 रन का पीछा... लेकिन बिखर गई टीम इंडिया 183 रन का लक्ष्य बेलफास्ट के मैदान पर आज तक कोई टीम हासिल नहीं कर पाई थी और भारत भी इस चुनौती को पार नहीं कर सका। अभिषेक शर्मा ने शुरुआत में तेज बल्लेबाज़ी करते हुए 49 रन बनाए लेकिन अर्धशतक से ठीक पहले आउट हो गए। उनके आउट होते ही भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। संजू सैमसन सिर्फ 5 रन, ईशान किशन 1 रन, कप्तान श्रेयस अय्यर 3 रन, तिलक वर्मा 19 रन और वॉशिंगटन सुंदर 9 रन बनाकर चलते बने। शिवम दुबे ने 25 और अक्षर पटेल ने 15 रन जरूर जोड़े लेकिन जीत मंज़िल से काफी दूर रह गई। भारत की पूरी टीम 18.5 ओवर में सिर्फ 148 रन पर सिमट गई। आयरलैंड के स्पिन और पेस का डबल अटैक मैथ्यू हम्फ़्रीज़ और मैट होलार्ड ने भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। दोनों ने तीन-तीन विकेट अपने नाम किए। वहीं, जय मूंद्रा ने भी दो बड़े विकेट झटके, जिनमें पहली ही गेंद पर संजू सैमसन का विकेट सबसे अहम रहा। मैट होलार्ड को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं देना पड़ा भारी? मैच के बाद चर्चा इस बात की भी रही कि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं दिया गया। कई क्रिकेट प्रेमियों का मानना है कि उनकी आक्रामक बल्लेबाजी इस मुश्किल लक्ष्य का पीछा करने में भारत के काम आ सकती थी। अब करो या मरो का मुकाबला दो मैचों की सीरीज में आयरलैंड ने 1-0 की बढ़त बना ली है। अब 28 जून को होने वाला दूसरा और आखिरी मुकाबला भारत के लिए 'करो या मरो' जैसा होगा। अगर टीम इंडिया जीतती है तो सीरीज बराबर होगी लेकिन हार की स्थिति में आयरलैंड इतिहास रचते हुए पहली बार भारत के खिलाफ टी20 सीरीज़ अपने नाम कर लेगा।



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