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खूंटी। झारखंड के खूंटी जिले में लेवी, फायरिंग और आगजनी की घटनाओं की जांच के दौरान पुलिस ने सात आरोपियों को हथियारों और पीएलएफआई के पर्चों के साथ गिरफ्तार किया है वहीं जंगल से छुपाए गए हथियार बरामद कराने ले जाए गए एक आरोपी ने पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीनकर फायरिंग कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से तोरपा और कर्रा थाना क्षेत्रों में पीएलएफआई उग्रवादियों और उनके सहयोगियों द्वारा लेवी मांगने, फायरिंग करने तथा आगजनी जैसी घटनाओं को अंजाम दिए जाने की सूचनाएं मिल रही थीं। इन घटनाओं का खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तोरपा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) विजय कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया था। टीम लगातार सूचना एकत्र कर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही थी। इसी क्रम में 20 जून की रात पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि तोरपा थाना कांड संख्या 19/26 का आरोपी श्रवण दास उर्फ फगुआ दास अपने कुछ सहयोगियों के साथ अलेंकेल क्षेत्र में किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ ने तत्काल तोरपा, कर्रा, रनिया, तपकरा और जरियागढ़ थाना प्रभारियों को संयुक्त अभियान चलाने का निर्देश दिया। झाड़ियों में छिपे मिले सात आरोपी सूचना के आधार पर पुलिस टीम जब अलेंकेल गांव के पास पहुंची तो सड़क किनारे झाड़ियों में कुछ संदिग्ध लोग छुपे हुए दिखाई दिए। पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी कर सभी को दबोच लिया। तलाशी के दौरान सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से हथियार, कारतूस, मोबाइल फोन और पीएलएफआई संगठन से जुड़े पर्चे बरामद किए गए। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ तोरपा थाना कांड संख्या 31/26 दर्ज किया है। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अलग-अलग धाराओं, आर्म्स एक्ट और सीएलए एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ में खुला हथियारों का राज गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी श्रवण दास उर्फ फगुआ दास ने हाल के दिनों में हुई आपराधिक घटनाओं में अपनी और अपने साथियों की संलिप्तता स्वीकार की। उसने यह भी बताया कि कुछ और हथियार जरियागढ़ थाना क्षेत्र के बरवाडांग जंगल में छुपाकर रखे गए हैं। इस खुलासे के बाद एसडीपीओ के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपी को साथ लेकर बरवाडांग जंगल पहुंची। आरोपी की निशानदेही पर वहां से एक देशी पिस्तौल, एक दोनाली देशी कट्टा, अतिरिक्त मैगजीन और सात कारतूस बरामद की गईं। हथियार बरामदगी के बाद पुलिस पर ही कर दी फायरिंग पुलिस के अनुसार, जंगल से हथियार बरामद करने के बाद जब टीम आरोपी श्रवण दास को लेकर वापस लौट रही थी, तभी उसने अचानक जरियागढ़ थाना प्रभारी की पिस्तौल छीन ली। इसके बाद उसने पुलिस टीम को निशाना बनाकर फायरिंग की और जंगल की ओर भागने लगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस दौरान चली गोली आरोपी श्रवण दास के पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल उसका इलाज रिम्स, रांची में चल रहा है। इस घटना के संबंध में जरियागढ़ थाना कांड संख्या 17/26 दर्ज किया गया है। क्या-क्या हुआ बरामद तोरपा थाना क्षेत्र में गिरफ्तारी के दौरान बरामद सामान * एक देशी पिस्तौल * एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्तौल * 21 कारतूस * दो मोबाइल फोन * पीएलएफआई के छह पर्चे बरवाडांग जंगल से बरामद सामान * एक देशी पिस्तौल * एक दोनाली देशी कट्टा * एक अतिरिक्त मैगजीन * सात कारतूस गिरफ्तार अपराधियों के नाम पुलिस ने जिन सात अपराधियों को गिरफ्तार किया है, उनमें सुदर्शन सोय उर्फ सुधीर उर्फ सोना सोय, सलीम बोदरा उर्फ रोडे, श्रवण दास उर्फ फगुआ दास, सामु डोडराय, विष्णु मांडी उर्फ एडी, हर्षित गुड़िया उर्फ वैद्यनाथ पाहन और उमर खान उर्फ नील खान शामिल हैं।



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