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तेहरान। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ( आईआरजीसी ) की नौसेना कमान ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिण में प्रतिबंधित क्षेत्र से गुजरने की कोशिश के दौरान सुपर टैंकर ‘अलगाया’ नौसैनिक बारूदी सुरंगों से टकराकर विस्फोट के बाद आग की लपटों में घिर गया। समुद्री सुरंगों से टकराया ‘अलगाया’ इरना ने आईआरजीसी नौसेना कमान के हवाले से बताया कि आईएमओ नंबर 9325336 वाला सुपर टैंकर ‘ अलगाया ’ होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिण में स्थित एक प्रतिबंधित क्षेत्र से गुजरने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान जहाज नौसैनिक बारूदी सुरंगों से टकरा गया और उसमें जोरदार विस्फोट हो गया। आग बुझाने की कोशिशें नाकाम रिपोर्ट में कहा गया है कि विस्फोट के बाद टैंकर में लगी आग को नियंत्रित करने के प्रयास सफल नहीं हो सके। आग लगातार फैलती गई और पूरा तेल टैंकर उसकी चपेट में आ गया। घटना के बाद जहाज और उसमें लदे तेल की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। खतरनाक मार्ग को लेकर पहले ही दी गई थी चेतावनी आईआरजीसी नौसेना कमान ने कहा कि जिस मार्ग से सुपर टैंकर गुजरने की कोशिश कर रहा था, उसके खतरों को लेकर पहले ही चेतावनी जारी की जा चुकी थी। इसके बावजूद जहाज ने कथित रूप से प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया और समुद्री सुरंगों की चपेट में आ गया। ईरानी नौसैनिक अधिकारियों ने जहाजरानी कंपनियों को आगाह किया है कि वे कथित सुरक्षित समुद्री गलियारों को लेकर अमेरिकी आश्वासनों पर भरोसा नहीं करें। ‘होर्मुज बंद, हमारी निगरानी में’ आईआरजीसी नौसेना ने कड़े शब्दों में घोषणा की कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है और उसकी इंटेलिजेंट सर्विलांस यानी आधुनिक निगरानी व्यवस्था के नियंत्रण में बना हुआ है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, समुद्री सुरंगों वाले अथवा प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करने वाले जहाज अपने चालक दल और माल को गंभीर खतरे में डाल रहे हैं। बिना समन्वय आवाजाही पर ईरान की चेतावनी ईरानी नौसैनिक अधिकारियों ने कहा कि पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी के साथ समन्वय किए बिना जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरा बढ़ सकता है। अधिकारियों ने जहाजरानी कंपनियों से निर्धारित व्यवस्था और चेतावनियों का पालन करने को कहा है। गौरतलब है कि सुपर टैंकर ‘ अलगाया ’ में विस्फोट की घटना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री आवाजाही से जुड़े खतरे को एक बार फिर सामने ला दिया है। आईआरजीसी की घोषणा के बाद अब इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा को लेकर चिंता और गहरा गई है।