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कटिहार। बिहार में कटिहार जिले के फलका थाना क्षेत्र में टोटो चालक प्रीतम कुमार उर्फ गोलू की हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा करते हुए पुलिस ने दो सगे भाइयों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और बताया कि वारदात के पीछे पूर्व से चला आ रहा पैसे के लेन-देन का विवाद था। 07 अगस्त को घर नहीं लौटा था गोलू अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सदर-टू सुनील कुमार शर्मा ने मंगलवार को बताया कि 07 अगस्त 2026 को सोहथा उत्तरी पंचायत के वार्ड संख्या-11 स्थित गोपालपट्टी गांव निवासी नीलम देवी ने फलका थाने को अपने बेटे प्रीतम कुमार के लापता होने की सूचना दी थी। प्रीतम टोटो चलाता था और देर रात तक घर वापस नहीं पहुंचा था। परिजनों की सूचना के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। पहले सड़क किनारे मिला टोटो, फिर खेत में शव जांच के दौरान पुलिस को सबसे पहले मंगेनपट्टी जाने वाली पक्की सड़क के किनारे प्रीतम का टोटो मिला। इसके बाद आसपास के इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इसी दौरान बभनी गांव के दौदा बहियार स्थित धान के खेत से प्रीतम का शव बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक, शव के हाथ-पैर बंधे हुए थे। इसके बाद मृतक की मां के आवेदन पर फलका थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए बनी स्पेशल टीम मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई। टीम ने हत्या की कड़ियां जोड़ने के लिए एफएसएल, डॉग स्क्वायड और तकनीकी सेल की मदद ली। जांच के आधार पर पुलिस तीन संदिग्धों तक पहुंची और उन्हें गिरफ्तार किया। दो सगे भाइयों समेत तीन आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने मामले में सोहथा गांव निवासी दिलीप कुमार, दीपक कुमार और साजन कुमार को गिरफ्तार किया है। दिलीप और दीपक सगे भाई हैं। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में तीनों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने जांच के दौरान दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनके घटना में इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है। पैसे के लेन-देन का विवाद बना हत्या की वजह: पुलिस एसडीपीओ ने बताया कि आरोपियों और प्रीतम के बीच पहले से पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस का दावा है कि इसी विवाद के कारण आरोपियों ने अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर प्रीतम की हत्या की। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने और साक्ष्य छिपाने की कोशिश की गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने प्रीतम के शव को बभनी गांव के दौदा बहियार स्थित धान के खेत में फेंक दिया था। उसके हाथ-पैर बंधे मिले थे। हालांकि हत्या किस तरीके से की गई, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है। दिलीप का पुराना आपराधिक इतिहास: पुलिस श्री शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार दिलीप कुमार का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ फलका थाने में पूर्व से भी मामला दर्ज है। हालांकि पुराने मामले की प्रकृति और उससे जुड़े अन्य विवरण उपलब्ध सूचना में नहीं बताए गए हैं। अभी खत्म नहीं हुई जांच, अन्य आरोपियों की तलाश तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद पुलिस ने मामले की जांच बंद नहीं की है। पुलिस का कहना है कि वारदात में अन्य लोगों की भी संलिप्तता सामने आई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।



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