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मुंबई। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने और होर्मूज स्ट्रेट से कमर्शियल जहाजों की आवाजाही सामान्य होने से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ, जिसके चलते घरेलू शेयर बाजार में जोरदार खरीददारी लौटी और सेंसेक्स 791 अंक की छलांग लगाकर बंद हुआ वहीं निफ्टी फिर 24 हजार के स्तर के ऊपर पहुंच गया। सेंसेक्स-निफ्टी में शानदार उछाल कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 790.54 अंक यानी 1.04 फीसदी की बढ़त के साथ 76,991.22 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी 197.55 अंक या 0.83 फीसदी चढ़कर 24,021.65 अंक पर पहुंच गया। खास बात यह रही कि एक दिन पहले दोनों प्रमुख सूचकांकों में एक प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई थी। वैश्विक संकेतों से बढ़ा बाजार का उत्साह विश्लेषकों के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच शुरुआती शांति समझौते और होर्मूज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य होने से वैश्विक सप्लाई को लेकर चिंताएं कम हुई हैं। इसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया और निवेशकों ने बड़े पैमाने पर खरीदारी की। आईटी और बैंकिंग शेयरों ने संभाली बाजार की कमान बाजार की तेजी में आईटी, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, रियल एस्टेट और ऑयल सेक्टर की कंपनियों ने सबसे बड़ा योगदान दिया। दूसरी ओर ऑटो और मेटल सेक्टर में दबाव देखने को मिला। इन शेयरों ने निवेशकों को कराया मुनाफा सेंसेक्स की कंपनियों में इंडिगो का शेयर करीब 4.25 फीसदी उछला। ट्रेंट में 3.5 फीसदी और टेक महिंद्रा में 3.25 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक और टीसीएस के शेयरों में भी 2 से 3 फीसदी तक की मजबूती रही। इनके अलावा अडानी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, एसबीआई और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए। कुछ शेयरों में रही मुनाफावसूली तेजी के माहौल के बावजूद कुछ चुनिंदा शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। एनटीपीसी का शेयर 2 फीसदी से ज्यादा टूट गया। वहीं टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, बीईएल और भारती एयरटेल में 1 से 2 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीददारी बाजार की तेजी सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। निफ्टी मिडकैप-50 इंडेक्स 0.30 फीसदी और स्मॉलकैप-100 इंडेक्स 0.33 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए, जिससे व्यापक बाजार में भी सकारात्मक माहौल बना रहा। वैश्विक बाजारों का मिला-जुला रुख एशियाई बाजारों में चीन और हांगकांग के सूचकांक बढ़त में रहे, जबकि जापान का निक्केई गिरावट के साथ बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में भी शुरुआती कारोबार के दौरान मिला-जुला रुख देखने को मिला।