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कोलकाता, 04 मई , पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना ने शाम होते-होते सियासी तस्वीर को काफी हद तक साफ कर दिया है और शुरुआती रुझानों से आगे बढ़ते हुए अब आंकड़े एक बड़े राजनीतिक बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं। चुनाव आयोग की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, शाम पांच बजे तक के रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की राजनीति में जबरदस्त बढ़त बना ली है। राज्य विधानसभा की कुल 294 में से 293 सीटों की मतगणना जारी है और भाजपा 11 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है वहीं 186 सीटों पर आगे चल रही है। इस तरह पार्टी 197 सीटों पर मजबूत स्थिति में नजर आ रही है, जो बहुमत के आंकड़े से काफी ज्यादा है। दूसरी ओर, सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के लिए ये रुझान चिंता बढ़ाने वाले हैं। पार्टी अब तक केवल दो सीटों पर जीत हासिल कर पाई है और 88 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। कुल मिलाकर टीएमसी 90 सीटों के आसपास सिमटती दिख रही है, जो उसके पिछले प्रदर्शन के मुकाबले काफी कमजोर स्थिति है। यह वही टीएमसी है, जिसने पिछले चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया था लेकिन इस बार मुकाबला उसके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है। अन्य पार्टियों की बात करें तो कांग्रेस दो सीटों पर आगे चल रही है लेकिन अभी तक उसे कोई जीत नहीं मिली है। आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) भी दो सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। वहीं, ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (एआईएसएफ) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) एक-एक सीट पर आगे चल रही हैं, जिससे साफ है कि इस चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और टीएमसी के बीच ही सिमट कर रह गया है। मौजूदा रुझान साफ तौर पर संकेत दे रहे हैं कि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन की संभावना मजबूत होती जा रही है। भाजपा जहां ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ती दिख रही है वहीं टीएमसी के लिए सत्ता बचाना मुश्किल होता जा रहा है। हालांकि, अंतिम परिणाम आने तक तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं होगी लेकिन शाम पांच बजे तक के आंकड़े राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव की कहानी लिखते नजर आ रहे हैं। सूरज शिवा आईएनआई



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