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पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को 'विद्यार्थी सहयोग पोर्टल' का शुभारंभ करते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक और छात्रावास संबंधी शिकायतों का अधिकतम 30 दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा जबकि 10 दिनों तक कार्रवाई शुरू नहीं होने पर 11वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय से संबंधित अधिकारियों को स्वतः नोटिस जारी होगा। कभी भी दर्ज करें शिकायत, पहचान रहेगी गुप्त विद्यार्थी पोर्टल के माध्यम से कभी भी अपनी शैक्षणिक, छात्रावास या अन्य समस्याओं से जुड़ा परिवाद दर्ज करा सकेंगे। शिकायत और सुझाव टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1100 के जरिए भी दिए जा सकेंगे। सरकार के अनुसार, यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क होगी और शिकायत करने वाले विद्यार्थी की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। शिकायत के निष्पादन के बाद आवेदक को लिखित रूप से जानकारी भी दी जाएगी। 10 दिन तक कार्रवाई नहीं तो शुरू होगा नोटिस का सिलसिला नई व्यवस्था में अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए स्वचालित नोटिस प्रणाली लागू की गई है। शिकायत मिलने के बाद 10 दिनों तक कार्रवाई शुरू नहीं होने पर 11वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय से पहला नोटिस जारी होगा। इसके बाद भी मामला लंबित रहा तो 20वें दिन दूसरा और 25वें दिन तीसरा नोटिस भेजा जाएगा। 30 दिनों तक शिकायत का समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है। हर चौथे मंगलवार को संस्थानों में लगेगा शिविर राज्य के शिक्षण संस्थानों में हर महीने के चौथे मंगलवार को विद्यार्थी सहयोग शिविर लगाया जाएगा। इन शिविरों में छात्र सीधे अधिकारियों और संस्थान के प्रतिनिधियों के सामने अपनी समस्याएं तथा सुझाव रख सकेंगे। सरकार ने घोषणा की है कि 25 अगस्त से बिहार के सभी स्कूलों और छात्रावासों में विद्यार्थी सहयोग अभियान शुरू किया जाएगा। 6.42 लाख आवेदनों में 96 फीसदी का निपटारा मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक सहयोग शिविरों के माध्यम से कुल 6.42 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 96 प्रतिशत मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि नए पोर्टल और नोटिस प्रणाली से शिकायतों की निगरानी आसान होगी तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ेगी। 551 स्थानों पर मॉडल स्कूल, घर बैठे मिलेगा लाइव शिक्षक सहयोग सरकार राज्य के 534 प्रखंडों और प्रमुख शहरों को मिलाकर 551 स्थानों पर आधुनिक मॉडल स्कूल व्यवस्था विकसित करने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को मोबाइल या लैपटॉप के माध्यम से घर बैठे देर रात तक लाइव शिक्षक सहयोग देने की सुविधा भी विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य छात्रों को कठिन विषयों और सवालों का तुरंत समाधान उपलब्ध कराना है। 211 नए डिग्री कॉलेज खोलने की तैयारी मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक साथ 211 नए डिग्री कॉलेज खोलने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके अलावा 342 बीएड कॉलेजों में डिग्री पाठ्यक्रम शुरू करने की सहमति से विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाने की योजना है। सरकार का लक्ष्य है कि बेहतर शिक्षा के लिए बिहार के छात्रों को दूसरे राज्यों में जाने की मजबूरी न हो। इंजीनियरिंग 10 रुपये, पॉलिटेक्निक की पढ़ाई 5 रुपये में मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य में उच्च और तकनीकी शिक्षा को अधिक किफायती बनाया जा रहा है। उन्होंने 10 रुपये में इंजीनियरिंग और पांच रुपये में पॉलिटेक्निक शिक्षा जैसी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत विद्यार्थियों को अब तक करीब 18 हजार करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है। छात्राओं और महिलाओं के लिए योजनाओं पर जोर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बालिकाओं की शिक्षा और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने आंगनबाड़ी, पोषण, पोशाक और मैट्रिक, इंटर तथा स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं के लिए प्रोत्साहन योजनाओं के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत और पंचायती राज तथा स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण मिलने से उनकी भागीदारी बढ़ी है। ‘विद्यार्थी आगे बढ़ेंगे, तभी बिहार आगे बढ़ेगा’ मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपनी समस्याएं और सुझाव बिना झिझक सरकार तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसरों के अभाव में किसी भी छात्र को पीछे नहीं रहने दिया जाएगा। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति, जे.डी. वीमेंस कॉलेज की प्राचार्य और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद थीं।



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