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मुंबई: सामाजिक मुद्दे पर आधारित आगामी कोर्टरूम ड्रामा फिल्म ‘द इंडिया स्टोरी’ का एक और दमदार पोस्टर रिलीज किया गया है, जिसमें काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े गुस्साई भीड़ के बीच घिरे नजर आ रहे हैं, जबकि पोस्टर फिल्म के संवेदनशील विषय, सच की लड़ाई और सिस्टम से टकराव की तीखी झलक पेश करता है। पोस्टर में दिखी सब्ज़ी मंडी की अफरा-तफरी, किरदारों पर मंडराया खतरा फिल्म का नया पोस्टर एक सब्ज़ी मंडी के बैकड्रॉप में सेट है, जहां माहौल बेहद तनावपूर्ण दिखाई देता है। पोस्टर में काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े को एक नाराज़ और उग्र भीड़ ने चारों तरफ से घेर रखा है। गुस्साए विक्रेता उन पर उंगलियां उठा रहे हैं, सब्ज़ियां फेंक रहे हैं और उनका विरोध करते नज़र आ रहे हैं। दोनों कलाकारों के चेहरों पर साफ दिखता खौफ और दबाव इस बात का इशारा करता है कि फिल्म में उनके किरदार किसी बड़ी सच्चाई को सामने लाने की कीमत चुका रहे हैं। “Slow Poison in Progress” ने बढ़ाया सस्पेंस, फिल्म के मुद्दे को किया और मजबूत पोस्टर पर लिखा टैगलाइन “Slow Poison in Progress” फिल्म की थीम को बेहद ताकतवर अंदाज़ में सामने लाता है। यह सिर्फ एक लाइन नहीं, बल्कि उस छिपे हुए खतरे की तरफ इशारा है, जो धीरे-धीरे लाखों लोगों की ज़िंदगी को प्रभावित कर रहा है। फिल्म कीटनाशक खेती और उससे सेहत पर पड़ने वाले गंभीर असर जैसे संवेदनशील मुद्दे को उठाती है। यही वजह है कि यह पोस्टर सिर्फ विज़ुअल इम्पैक्ट नहीं छोड़ता, बल्कि सोचने पर भी मजबूर करता है। सिर्फ कोर्टरूम ड्रामा नहीं, समाज के बड़े ज़ख्म पर चोट है ‘द इंडिया स्टोरी’ ‘द इंडिया स्टोरी’ एक ऐसी फिल्म है, जो सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है। यह एक सामाजिक सवाल को कोर्टरूम ड्रामा के जरिए बड़े पर्दे पर लाने की कोशिश करती है। कहानी इस बात को छूती है कि आखिर हमारे खाने में क्या शामिल है, हम क्या खा रहे हैं और किस सिस्टम पर भरोसा कर रहे हैं। फिल्म का नया पोस्टर इसी लड़ाई की झलक देता है, जहां सच बोलना आसान नहीं, बल्कि बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। डायरेक्टर चेतन डीके बोले— सच बोलने की कीमत हमेशा आसान नहीं होती फिल्म के निर्देशक चेतन डीके ने नए पोस्टर को लेकर कहा, “यह पोस्टर सच बोलने की कीमत को दिखाता है। जब झूठ पर टिकी किसी व्यवस्था को चुनौती दी जाती है, तो सबसे पहला जवाब अक्सर डर और गुस्से के रूप में सामने आता है। ‘द इंडिया स्टोरी’ का हर फ्रेम इसी संघर्ष को दिखाने और लोगों को यह सोचने पर मजबूर करने के लिए बनाया गया है कि वे क्या खा रहे हैं और किस पर भरोसा कर रहे हैं।” 24 जुलाई 2026 को रिलीज़ होगी फिल्म, तीन भाषाओं में आएगी दर्शकों के सामने जी स्टूडियोज के सहयोग से एमआईजी प्रोडक्शन एंड स्टूडियोज़ द्वारा प्रस्तुत इस फिल्म का निर्देशन चेतन डीके ने किया है, जबकि इसकी कहानी और निर्माण की कमान सागर बी. शिंदे ने संभाली है। फिल्म 24 जुलाई 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। खास बात यह है कि यह फिल्म हिंदी, तेलुगु और तमिल —तीनों भाषाओं में दर्शकों के सामने आएगी। मजबूत स्टारकास्ट और शानदार टेक्निकल टीम से सजी है फिल्म फिल्म के सह-निर्माताओं में स्वाति विनायक सैंदाने, अनीता जाधव, विनायक सैंदाने, कल्पेश शाह, देवयानी खोराटे और प्रेम जोशी शामिल हैं। वहीं इसकी टेक्निकल टीम भी काफी मजबूत नज़र आती है। फिल्म के सिनेमैटोग्राफर निशांत भागवत , संगीतकार मंगेश धकड़े , एडिटर आशीष म्हात्रे , गीतकार शकील आज़मी और साउंड डिजाइनर अनमोल भावे हैं।