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डीजल अनुदान योजना बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। जब बारिश कम होती है या सूखा पड़ता है तब किसानों को खेत में पानी देने के लिए डीजल पंप चलाना पड़ता है। इससे खर्च बढ़ जाता है। इसी खर्च को कम करने के लिए सरकार यह योजना चलाती है और किसानों को कुछ पैसा वापस देती है। 👉 योजना क्या है? इस योजना के तहत: किसान अगर डीजल पंप से सिंचाई करता है तो सरकार उसे डीजल खर्च पर सब्सिडी (अनुदान) देती है यह पैसा सीधे बैंक खाते में (DBT) भेजा जाता है 👉 योजना का उद्देश्य सूखा या कम बारिश में किसानों को मदद देना सिंचाई का खर्च कम करना फसल को बचाना और उत्पादन बनाए रखना छोटे और गरीब किसानों को आर्थिक सहारा देना 👉 किसको लाभ मिलता है? बिहार के पंजीकृत किसान (DBT में रजिस्ट्रेशन जरूरी) जो अपने खेत की सिंचाई डीजल पंप से करते हैं जिनकी फसल को पानी की जरूरत है (जैसे धान, मक्का, दलहन आदि) 👉 कितना अनुदान मिलता है? लगभग ₹400 से ₹800 प्रति एकड़ यह राशि अलग-अलग बातों पर निर्भर करती है: फसल का प्रकार (धान, मक्का आदि) सिंचाई का चरण (पहली, दूसरी, तीसरी बार पानी देना) 👉 सरकार हर सीजन में नई दरें तय करती है 👉 पैसा कैसे मिलता है? आवेदन करने के बाद जांच (Verification) होती है सही पाए जाने पर पैसा सीधे आपके बैंक खाते में भेज दिया जाता है 👉 जरूरी दस्तावेज आवेदन करते समय ये कागज जरूरी होते हैं: किसान पंजीकरण संख्या (13 अंकों का DBT नंबर) आधार कार्ड बैंक पासबुक जमीन के कागज (LPC/रसीद/जमाबंदी) फसल की जानकारी डीजल खरीद की रसीद या सिंचाई का प्रमाण 👉 आवेदन कैसे करें? ✔️ ऑनलाइन आवेदन (घर बैठे) 1. DBT Agriculture वेबसाइट खोलें 2. 13 अंकों का पंजीकरण नंबर डालकर लॉगिन करें 3. “डीजल अनुदान योजना” चुनें 4. फसल और सिंचाई की जानकारी भरें 5. डॉक्यूमेंट अपलोड करें 6. OTP डालकर फॉर्म सबमिट करें ✔️ CSC (वसुधा केंद्र) से आवेदन नजदीकी CSC केंद्र जाएँ अपने सभी कागज साथ ले जाएँ CSC वाला आपका आवेदन कर देगा 👉 आवेदन कहाँ जमा होता है? कृषि समन्वयक (पंचायत स्तर) प्रखंड कृषि पदाधिकारी – BAO (ब्लॉक स्तर) CSC केंद्र 👉 यही अधिकारी आपके आवेदन की जांच करते हैं 👉 आवेदन के बाद क्या होता है? 1. आवेदन जमा होता है 2. पंचायत/ब्लॉक स्तर पर जांच होती है 3. सही पाए जाने पर स्वीकृति मिलती है 4. पैसा सीधे बैंक खाते में भेज दिया जाता है 👉 योजना के फायदे सिंचाई का खर्च कम होता है सूखा में भी फसल बच जाती है छोटे किसानों को राहत मिलती है उत्पादन (फसल) में कमी नहीं आती 👉 ध्यान रखने वाली बातें हर सीजन (खरीफ/रबी) में अलग से आवेदन करना पड़ सकता है आवेदन की तारीख सरकार तय करती है सही जानकारी और सही कागज देना जरूरी है मोबाइल नंबर चालू रखें (OTP और मैसेज के लिए)