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तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरानी सेना प्रमुख मेजर जनरल अमीर हातमी ने बड़ा और विवादित बयान दिया है। उन्होंने घोषणा की कि किसी भी अमेरिकी सैनिक को मारने या पकड़कर सौंपने वाले ईरानी सैनिक को 30 हजार अमेरिकी डॉलर का इनाम दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह काम कोई ईरानी महिला करती है तो उसे दोगुना इनाम दिया जाएगा। 'अमेरिकी सैनिक को पकड़ो या मारो, मिलेगा इनाम' ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के अनुसार, अमीर हातमी ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों द्वारा "वित्तीय जिहाद" में भाग लेने की इच्छा जताने के बाद यह योजना बनाई गई है। उनके मुताबिक, किसी भी "अमेरिकी आक्रामक सैनिक" को मारने या पकड़कर सौंपने वाले व्यक्ति को 30 हजार डॉलर या पांच अरब तोमान का पुरस्कार दिया जाएगा। हातमी ने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति के हथियार से अमेरिकी सैनिक मारा जाएगा, उस हथियार को दोगुनी कीमत देकर खरीदा जाएगा, नया हथियार दिया जाएगा और पुराने हथियार को संग्रहालय में रखा जाएगा। https://x.com/iribnews_irib/status/2088909089254309956?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2088909089254309956%7Ctwgr%5Ebc73cd60c6311117051dd6efd2031bfac440a67c%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.jpost.com%2Fmiddle-east%2Farticle-905660 'अमेरिका अब पहले जैसा ताकतवर नहीं' ईरानी सेना प्रमुख ने दावा किया कि ईरान के साथ हुए संघर्ष के बाद अमेरिका की सैन्य ताकत की छवि कमजोर हुई है। उनके अनुसार, अब दुनिया के कई देश अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका पर निर्भर रहने के बजाय दूसरे विकल्प तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब वह प्रभाव नहीं रखता जो पहले हुआ करता था और यही कारण है कि कई देश अपनी सुरक्षा रणनीति बदल रहे हैं। ट्रंप पर भी साधा निशाना अमीर हातमी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस कथित बयान की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिका का क्षेत्र घोषित करने की बात कही थी। हातमी ने ट्रंप को "भ्रमित" बताते हुए कहा कि दुनिया अब उनके दावों को गंभीरता से नहीं लेती। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिमी मीडिया भी अमेरिका की छवि को लेकर अलग तस्वीर पेश कर रहा है। पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों को लेकर चेतावनी ईरानी सेना प्रमुख ने कहा कि पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने पहले जैसी स्थिति में वापस नहीं लौट पाएंगे। उन्होंने दावा किया कि ईरान अपने आसपास ऐसे किसी सैन्य केंद्र को स्वीकार नहीं करेगा, जो उसकी सुरक्षा के लिए खतरा बने। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को क्षेत्र छोड़ देना चाहिए और दावा किया कि फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी मौजूदगी अब स्वीकार नहीं की जाएगी। बयान से बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव अमीर हातमी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान और अमेरिका के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य, क्षेत्रीय सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों को लेकर पहले से ही तनाव बना हुआ है। अमेरिकी सैनिकों पर इनाम घोषित करने वाला यह बयान दोनों देशों के बीच पहले से चल रहे टकराव को और तीखा कर सकता है। नोट: यह रिपोर्ट ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी द्वारा प्रसारित बयानों पर आधारित है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।