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कटिहार। बिहार के कटिहार जिले के आजमनगर थाना क्षेत्र में एक महिला को कथित रूप से खंभे से बांधकर पीटने और उसके साथ अमानवीय व्यवहार किए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि घटना के 11 दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। खंभे से बांधकर लगातार पिटाई करने का आरोप घटना आजमनगर थाना क्षेत्र के रामपुर कदमगाछी गांव की बताई जा रही है। पीड़ित महिला का आरोप है कि रामपुर गांव के कुछ लोगों ने उसे पकड़कर पहले मारपीट की और बाद में खंभे से बांधकर पीटना जारी रखा। महिला ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसके कपड़े भी फाड़ दिए गए और मौके पर मौजूद लोग उसे बचाने के बजाय तमाशबीन बने रहे। महिला ने एक परिवार पर लगाए गंभीर आरोप पीड़िता ने अपने बयान में रामपुर गांव निवासी मोहम्मद नाहिद और उसके परिवार पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि आरोपी परिवार के सदस्य लगातार उसके साथ हिंसा करते रहे लेकिन गांव से कोई व्यक्ति तत्काल उसे छुड़ाने के लिए आगे नहीं आया। ये सभी आरोप पीड़िता के बयान पर आधारित हैं और पुलिस की जांच के बाद ही घटना की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी। पानी मांगा तो अपमानित करने की धमकी का दावा महिला ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान जब उसे प्यास लगी और उसने पानी मांगा तो आरोपियों ने पानी देने से इनकार कर दिया और उसके साथ बेहद अपमानजनक व्यवहार करने की धमकी दी। पीड़िता के इन आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है तथा गांव में हुई घटना को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। डायल-112 पर सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस घटना के दौरान किसी ग्रामीण ने आपातकालीन सेवा डायल-112 पर फोन कर आजमनगर पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और महिला को खंभे से मुक्त कराया। इसके बाद पुलिस ने महिला को रामपुर गांव के पास स्थित कदमगाछी गांव में उसके ससुराल पहुंचाया। ससुराल वालों ने कराया इलाज महिला के ससुराल वालों ने उसका इलाज कराया। इसके बाद पीड़िता ने आजमनगर थाने में लिखित आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और न्याय की मांग की। पुलिस ने महिला के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। 11 दिन बीते लेकिन गिरफ्तारी नहीं पीड़िता का कहना है कि घटना के 11 दिन बीत जाने के बावजूद किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है । प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई में देरी से पीड़ित परिवार में नाराजगी और भय का माहौल है। महिला ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। डीएसपी बोले-मामले को गंभीरता से लिया जाएगा बारसोई के पुलिस उपाधीक्षक अजय कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तारी नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वीडियो की भी जांच जरूरी घटना से जुड़ा बताया जा रहा वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान, वीडियो की सत्यता और घटना के क्रम की जांच करना अहम होगा। पुलिस को यह भी पता लगाना होगा कि मौके पर कितने लोग मौजूद थे और महिला की सहायता करने के बजाय कथित हिंसा को रोकने में देरी क्यों हुई। भीड़ की चुप्पी भी बड़ा सवाल यह मामला केवल एक महिला के साथ कथित हिंसा का नहीं बल्कि समाज की संवेदनहीनता का भी गंभीर उदाहरण है। यदि किसी महिला को सार्वजनिक रूप से बांधकर पीटा जाता रहा और लोग मदद करने के बजाय देखते रहे तो यह कानून-व्यवस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।