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पटना। विवादों, आंदोलनों और करीब डेढ़ साल तक चले इंतजार के बाद बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया, जिसमें श्रद्धा पांडे टॉपर रहीं और राज्य की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा के जरिए 2035 पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया। बीपीएससी अध्यक्ष बोले- यह इतिहास की सबसे बड़ी भर्ती थी आयोग के अध्यक्ष रवि मनुभाई परमार ने रिजल्ट जारी करते हुए कहा कि बीपीएससी के इतिहास में यह सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रिया थी। उन्होंने बताया कि 68वीं परीक्षा में सिर्फ 324 और 69वीं में 475 पद थे, जबकि 70वीं परीक्षा में 2035 पदों के लिए भर्ती की गई। इसके लिए 5450 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया गया, इसलिए प्रक्रिया पूरी करने में अधिक समय लगा। टॉप-10 में चमके ये चेहरे जारी मेरिट लिस्ट के अनुसार श्रद्धा पांडे ने पूरे बिहार में टॉप किया है। टॉप-10 में शामिल उम्मीदवारों के नाम इस प्रकार हैं— 1. श्रद्धा पांडे 2. शशांक गौरव 3. आयुष बिजॉय 4. पारिक्षित मदान 5. उदय प्रताप यादव 6. रश्मि किरण 7. लक्ष्मीकांत मिश्रा 8. चंद्रकांता कुमारी 9. उपासना शर्मा 10. प्रिया एसडीएम, डीएसपी और टैक्स अधिकारी बनेंगे सफल अभ्यर्थी बीपीएससी 70वीं परीक्षा के जरिए कुल 2035 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। सफल अभ्यर्थियों को एसडीएम, डीएसपी, राज्य कर अधिकारी, वरीय उप समाहर्ता और अन्य प्रशासनिक पदों पर नियुक्त किया जाएगा। आयोग ने 2027 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया है, जबकि दिव्यांग वर्ग के 8 पद खाली रह गए हैं। सिर्फ परीक्षा नहीं, एक बड़ा आंदोलन भी थी बीपीएससी 70वीं यह परीक्षा केवल भर्ती प्रक्रिया नहीं रही बल्कि पिछले डेढ़ साल में बिहार की सबसे चर्चित और विवादित परीक्षाओं में भी शामिल रही। नॉर्मलाइजेशन विवाद, बापू परीक्षा परिसर हंगामा, छात्रों का दो महीने लंबा धरना, प्रशांत किशोर का अनशन, खान सर और गुरु रहमान की सक्रियता से लेकर राहुल गांधी की एंट्री तक, यह परीक्षा लगातार सुर्खियों में बनी रही। 6 बार बढ़ी वैकेंसी, 3 बार बदली परीक्षा तिथि 70वीं परीक्षा की भर्ती प्रक्रिया के दौरान पदों की संख्या कई बार बदली गई। शुरुआत में 1929 पदों पर भर्ती का निर्णय लिया गया था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 2035 कर दिया गया। वहीं परीक्षा की संभावित तिथि भी तीन बार बदली गई, जिसके बाद आखिरकार 13 दिसंबर 2024 को परीक्षा आयोजित की गई। नॉर्मलाइजेशन विवाद से शुरू हुआ था बवाल परीक्षा से पहले नॉर्मलाइजेशन को लेकर छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। बीपीएससी कार्यालय के बाहर हजारों अभ्यर्थी जुटे थे और घंटों तक प्रदर्शन चला था। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया था, जिसमें कई छात्र घायल हुए थे। बापू परीक्षा परिसर बना था विवाद का केंद्र 13 दिसंबर 2024 को हुई प्रारंभिक परीक्षा के दौरान पटना के बापू परीक्षा परिसर में अभ्यर्थियों ने धांधली का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। आयोग ने केवल इसी केंद्र की परीक्षा रद्द की, लेकिन छात्रों ने पूरे राज्य में दोबारा परीक्षा कराने की मांग को लेकर आंदोलन छेड़ दिया था। दो महीने चला धरना, राजनीति भी हुई शामिल री-एग्जाम की मांग को लेकर छात्रों ने गर्दनीबाग में करीब दो महीने तक धरना दिया। आंदोलन को जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर का समर्थन मिला। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी छात्रों से मिलने पटना पहुंचे थे। शिक्षक गुरु रहमान और खान सर भी आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल रहे थे। विरोध के बावजूद नहीं रुकी प्रक्रिया लगातार विरोध और दबाव के बावजूद आयोग अपनी चयन प्रक्रिया पर कायम रहा। जनवरी 2025 में पीटी का रिजल्ट जारी किया गया, जिसमें 21,581 अभ्यर्थी सफल हुए। इसके बाद अप्रैल 2025 में मुख्य परीक्षा हुई और 5401 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए चुना गया। अब इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है।



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