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मोतिहारी। बिहार विधान परिषद के 03-सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 23 अक्टूबर को होने वाले चुनाव के लिए 29 सितंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें पूर्वी चंपारण के 27 मतदान केंद्रों पर 1,741 शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर प्रतिनिधि चुनेंगे। 1741 शिक्षक मतदाता, 27 मतदान केंद्र पूर्वी चंपारण में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के लिए कुल 27 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। जिले में कुल 1,741 शिक्षक मतदाता हैं। इनमें 1,533 पुरुष और 208 महिला मतदाता शामिल हैं। सामान्य विधानसभा चुनाव की तुलना में मतदाताओं की संख्या भले ही कम दिखाई दे, लेकिन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की प्रकृति अलग है। यहां मतदाता सीधे विद्यालयों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े हैं। ऐसे में उम्मीदवारों के सामने शिक्षक समुदाय से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात स्पष्ट करने की चुनौती होगी। सेवा-शर्त से पदोन्नति तक, किन मुद्दों पर होगी चुनावी चर्चा चुनावी अभियान आगे बढ़ने के साथ शिक्षकों की सेवा-संबंधी समस्याएं, स्थानांतरण, पदोन्नति, वेतन एवं सेवा-शर्तें, विद्यालयों में संसाधनों की उपलब्धता, शिक्षण कार्य का दबाव और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े नीतिगत सवाल चर्चा में आ सकते हैं। उम्मीदवार इन मुद्दों पर क्या कार्ययोजना सामने रखते हैं और अपने दावों के समर्थन में क्या आधार देते हैं, यह चुनावी बहस की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण पहलुओं में शामिल हो सकता है। सारण से चंपारण तक फैला है निर्वाचन क्षेत्र सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र केवल सारण जिले तक सीमित नहीं है। इसमें सारण, सीवान, गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण और पूर्वी चंपारण शामिल हैं। इसलिए चुनावी गतिविधियों का दायरा कई जिलों तक रहेगा। बिहार की चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन सीटों समेत कुल 28 विधान परिषद सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित किया गया है। पूर्वी चंपारण के 1,741 शिक्षक मतदाता पूरे सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता समूह का एक हिस्सा हैं। जिले में 27 मतदान केंद्र होने के कारण स्थानीय स्तर पर भी चुनावी गतिविधियां महत्वपूर्ण रहेंगी। राजनीतिक दलों की हलचल शुरू, उम्मीदवारों पर नजर जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव एवं पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात की संयुक्त बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस, जनता दल यूनाइटेड (जदयू), आम आदमी पार्टी (आप) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के प्रतिनिधियों की मौजूदगी के साथ चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों की औपचारिक सक्रियता भी सामने आई है। हालांकि, कौन-कौन उम्मीदवार मैदान में उतरेंगे और राजनीतिक समीकरण किस तरह आकार लेंगे, इसकी तस्वीर नामांकन प्रक्रिया के बाद ही साफ होगी। ऐसे में फिलहाल किसी उम्मीदवार या दल की चुनावी स्थिति को लेकर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। शिक्षक मतदाताओं के सवालों की कसौटी पर उम्मीदवार इस चुनाव में शिक्षक मतदाताओं के सामने उम्मीदवारों के नाम के साथ उनके एजेंडे और प्रतिनिधित्व का सवाल भी रहेगा। निर्वाचित प्रतिनिधि विधान परिषद में शिक्षक समुदाय की समस्याओं और मांगों को किस तरह उठाएगा, चुनावी अभियान में यह अहम विषय बन सकता है। सेवा-संबंधी अधिकार, स्थानांतरण-पदस्थापन, प्रोन्नति, लंबित मामले, विद्यालयों की आधारभूत सुविधाएं, शिक्षकों पर गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ और शिक्षा की गुणवत्ता जैसे मुद्दे शिक्षक समुदाय के बीच चर्चा में आ सकते हैं। इनमें से किन मुद्दों को शिक्षक मतदाता प्राथमिकता देते हैं, इसकी स्पष्ट तस्वीर चुनाव प्रचार आगे बढ़ने के साथ सामने आएगी। 29 सितंबर से नामांकन, 9 अक्टूबर के बाद साफ होगी तस्वीर जिलाधिकारी श्री यादव और पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात ने संयुक्त प्रेस वार्ता में बताया कि 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होने के साथ नामांकन शुरू होगा। उम्मीदवार 06 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 07 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 09 अक्टूबर तक उम्मीदवारी वापस ली जा सकेगी। नाम वापसी की समयसीमा पूरी होने के बाद चुनाव मैदान में बचे उम्मीदवारों की तस्वीर साफ हो जाएगी। 23 अक्टूबर को चार बजे तक वोटिंग, 27 को आएगा नतीजा सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 23 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। इसके बाद 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।