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पटना। बिहार विधानमंडल के पांच दिवसीय मानसून सत्र की कार्यवाही शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। मॉनसून सत्र दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम अनुपूरक बजट सहित 21 विधेयक पारित किए गए तथा विधानसभा और विधान परिषद में जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ बड़ी संख्या में सदस्यों के प्रश्नों का सरकार ने जवाब दिया। 21 विधेयकों के साथ अनुपूरक बजट को मिली मंजूरी इस वर्ष 20 जुलाई से शुरू होकर 25 जुलाई को संपन्न हुए इस सत्र में विधानसभा और विधान परिषद की कुल पांच-पांच बैठकें हुईं। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। समापन संबोधन में उन्होंने कहा कि पूरे सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चली और सभी दलों के सदस्यों ने रचनात्मक सहयोग दिया। उन्होंने बताया कि इस दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम अनुपूरक व्यय बजट के साथ सरकार के कुल 21 विधेयक पारित किए गए। विधानसभा में 1,038 प्रश्न, अधिकांश के मिले जवाब विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि इस सत्र में कुल 1,038 प्रश्न प्राप्त हुए, जिनमें से 971 प्रश्न स्वीकृत किए गए। इनमें 74 अल्पसूचित प्रश्न शामिल थे, जिनमें 70 प्रश्नों के उत्तर सरकार ने उपलब्ध कराए। वहीं 721 तारांकित प्रश्न स्वीकृत हुए, जिनमें 697 प्रश्नों के उत्तर दिए गए। इसके अलावा 176 अतारांकित प्रश्न भी स्वीकृत किए गए। उन्होंने कहा कि सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लगभग सभी विभागों ने सदस्यों के प्रश्नों का शत-प्रतिशत उत्तर उपलब्ध कराया। सीएजी की रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी गई सत्र के दौरान मार्च 2024 (वित्तीय वर्ष 2023-24) को समाप्त वर्ष के लिए बिहार सरकार से संबंधित भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की विभिन्न रिपोर्टें भी सदन के पटल पर रखी गईं। इन रिपोर्टों पर आगे संबंधित समितियां विचार करेंगी। विधान परिषद में भी जनहित के मुद्दों पर रही सक्रिय चर्चा विधान परिषद में भी पूरे सत्र के दौरान विभिन्न जनहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने बताया कि सदन को 262 अल्पसूचित प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुईं, जिनमें 240 स्वीकृत की गईं। इसके अलावा 333 तारांकित प्रश्नों की सूचनाएं भी प्राप्त हुईं। उन्होंने बताया कि 69 ध्यानाकर्षण प्रस्तावों में से 30 प्रस्तावों पर सदन में चर्चा हुई। पूरे सत्र के दौरान परिषद में 340 तारांकित प्रश्न और 265 अल्पसूचित प्रश्न प्राप्त हुए। 'उच्च सदन ने निभाई जनहित के मंच की भूमिका' सभापति श्री सिंह ने कहा कि विधान परिषद ने उच्च सदन की गरिमा के अनुरूप न केवल सरकारी कार्यों का प्रभावी ढंग से संचालन किया बल्कि जनहित के मुद्दों को उठाने के लिए एक सशक्त मंच के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने सभी सदस्यों को संसदीय दायित्वों का समर्पण भाव से निर्वहन करने और जनता के मुद्दों को गंभीरता से उठाने के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही महत्वपूर्ण विषयों पर हुई चर्चाओं में सक्रिय भागीदारी के लिए सदस्यों की सराहना करते हुए सत्र को सार्थक और उत्पादक बताया।इसके बाद सभापति ने विधान परिषद की कार्यवाही भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।



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