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नई दिल्ली। खनन क्षेत्र में गिरावट के बावजूद विनिर्माण, बिजली एवं गैस आपूर्ति समेत अन्य क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन के दम पर देश का औद्योगिक उत्पादन जुलाई में सालाना आधार पर 6.7 प्रतिशत बढ़ गया जबकि पिछले साल जुलाई में इसकी वृद्धि दर 5.4 प्रतिशत थी। हालांकि, मासिक आधार पर औद्योगिक गतिविधियों की रफ्तार कुछ कम हुई है। संशोधित आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जून में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 8.8 प्रतिशत रही थी। मैन्युफैक्चरिंग बना विकास का इंजन केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन 7.3 प्रतिशत बढ़ा। पिछले साल इसी महीने इस क्षेत्र की वृद्धि दर 5.1 प्रतिशत थी। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में विनिर्माण क्षेत्र का भारांश 76 प्रतिशत से अधिक है। इसलिए इस क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन ने कुल औद्योगिक वृद्धि को मजबूत सहारा दिया। बिजली और गैस आपूर्ति में 8.7% उछाल जुलाई में बिजली एवं गैस आपूर्ति क्षेत्र ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इस क्षेत्र की वृद्धि दर 8.7 प्रतिशत रही। वहीं, जलापूर्ति, सीवरेज और अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र का उत्पादन 5.4 प्रतिशत बढ़ा। खनन क्षेत्र ने बिगाड़ी रफ्तार दूसरे क्षेत्रों के उलट खनन उत्पादन में जुलाई के दौरान 0.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में इस क्षेत्र का भारांश 11 प्रतिशत से अधिक है। खनन क्षेत्र में पिछले साल जुलाई में 10.7 प्रतिशत की तेज वृद्धि हुई थी, जबकि इस साल जून में इसकी वृद्धि दर केवल 1.6 प्रतिशत रही थी। ये आंकड़े खनन गतिविधियों में लगातार कमजोरी का संकेत देते हैं। चार महीनों में औद्योगिक उत्पादन 6.3% बढ़ा चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों यानी अप्रैल से जुलाई के बीच औद्योगिक उत्पादन में 6.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। पिछले साल इसी अवधि में औद्योगिक वृद्धि दर केवल चार प्रतिशत थी। इस अवधि में विनिर्माण उत्पादन सात प्रतिशत और बिजली एवं गैस आपूर्ति 8.7 प्रतिशत बढ़ी। जलापूर्ति, सीवरेज एवं अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र का सूचकांक 6.3 प्रतिशत ऊपर गया। इसके विपरीत खनन उत्पादन में 1.1 प्रतिशत की गिरावट आई। 23 में से 19 उद्योगों का उत्पादन बढ़ा विनिर्माण क्षेत्र के 23 प्रमुख औद्योगिक वर्गों में से 19 में उत्पादन बढ़ा । इससे औद्योगिक गतिविधियों में व्यापक सुधार का संकेत मिलता है। उत्पादन वृद्धि में सबसे अधिक योगदान बिजली के उपकरण (28.3 प्रतिशत), वाहन विनिर्माण (22.2 प्रतिशत) और मशीनरी एवं उपकरण (12.1 प्रतिशत) का रहा। वाहनों, इलेक्ट्रिकल उपकरणों और मशीनरी की मजबूत मांग ने जुलाई के औद्योगिक आंकड़ों को धार दी। हालांकि, औद्योगिक विकास की रफ्तार को बनाए रखने के लिए खनन क्षेत्र की कमजोरी दूर करना महत्वपूर्ण होगा।



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