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मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के गोविंदगंज थाना क्षेत्र की बभनौली पंचायत में शुक्रवार सुबह पानी से भरे एक गहरे गड्ढे से 35 वर्षीय महिला और उसके चार मासूम बच्चों के शव मिलने से इलाके में मातर पसर गया जबकि पुलिस दुर्घटना की आशंका के साथ पारिवारिक कलह समेत सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि घटना बभनौली पंचायत के चौर की है। यहां मिट्टी की खुदाई के कारण बने एक गहरे गड्ढे में बरसात का पानी जमा था। शुक्रवार सुबह इसी गड्ढे में पांचों के शव दिखाई देने की सूचना मिली। मृतकों की पहचान 35 वर्षीय सुशीला देवी, उनकी 11 वर्षीय बेटी अमृता कुमारी, आठ वर्षीय बेटे अविनाश कुमार, छह वर्षीय बेटी पम्मी कुमारी और चार वर्षीय बेटे रवि कुमार के रूप में हुई है। सुशीला देवी बभनौली गांव के वार्ड संख्या छह निवासी धर्मेंद्र महतो की पत्नी थीं। गुरुवार को बच्चों संग निकली थीं सुशीला, फिर नहीं लौटीं परिजनों के अनुसार, सुशीला देवी गुरुवार को अपने चारों बच्चों के साथ घर से निकली थीं। देर शाम तक जब मां और बच्चे वापस नहीं लौटे तो परिवार की चिंता बढ़ने लगी। इसके बाद परिजन और ग्रामीण उनकी तलाश में निकल पड़े। गांव से लेकर खेत-खलिहानों और आसपास के इलाकों तक उन्हें खोजा गया। रिश्तेदारों से भी संपर्क किया गया लेकिन रातभर पांचों का कोई पता नहीं चल सका। किसी को अंदाजा नहीं था कि अगली सुबह परिवार को ऐसी खबर मिलेगी, जो उनकी जिंदगी बदल देगी। सुबह गड्ढे में दिखे शव, गांव में मच गया कोहराम शुक्रवार सुबह बभनौली पंचायत के चौर में पानी से भरे गहरे गड्ढे में शव दिखाई देने की खबर फैली तो बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। जब एक-एक कर मां और चार बच्चों के शव सामने आए तो घटनास्थल पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। मरने वाले बच्चों की उम्र महज चार से 11 वर्ष के बीच थी। एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत की खबर फैलते ही गांव में मातम छा गया। क्या एक बच्चे को बचाने में पांचों डूब गए ग्रामीणों के मुताबिक, घटनास्थल पर मिट्टी की खुदाई के कारण गहरा गड्ढा बन गया था, जिसमें बरसात का पानी जमा था।प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि संभवतः कोई बच्चा पहले पानी में फिसल गया हो और उसे बचाने की कोशिश में मां तथा दूसरे बच्चे भी गहरे पानी में चले गए हों। हालांकि अभी यह केवल एक संभावना है और मौत की वास्तविक वजह की पुष्टि नहीं हुई है। यही वजह है कि पुलिस इस घटना को केवल दुर्घटना मानकर जांच समाप्त नहीं कर रही है। हादसा या कोई दूसरी वजह? पुलिस खंगाल रही हर पहलू पुलिस ने मामले की जांच का दायरा व्यापक रखा है। दुर्घटनावश डूबने की संभावना के साथ पारिवारिक कलह की आशंका सहित अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस के लिए बड़ा सवाल यह है कि मां अपने चारों बच्चों के साथ उस स्थान तक कैसे और किन परिस्थितियों में पहुंची तथा पांचों की मौत वास्तव में कैसे हुई।अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और परिजनों के बयान मौत की असली वजह तक पहुंचने में महत्वपूर्ण होंगे। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले घटना को निश्चित रूप से हादसा या किसी अन्य कारण से हुई मौत कहना जल्दबाजी होगी। बीडीओ और थानाध्यक्ष पहुंचे मौके पर घटना की सूचना मिलने के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी आदित्य कुमार दीक्षित और गोविंदगंज थानाध्यक्ष सच्चिदानंद प्रसाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से पांचों शवों को पानी से बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को आपदा प्रबंधन विभाग के प्रावधानों के तहत नियमानुसार आर्थिक सहायता देने का आश्वासन भी दिया है। पानी से भरे गहरे गड्ढों ने फिर खड़े किए सुरक्षा पर सवाल इस घटना ने मिट्टी की खुदाई के बाद खुले छोड़ दिए जाने वाले गहरे गड्ढों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बरसात में ऐसे गड्ढों में पानी भर जाने के बाद उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है। यदि आसपास सुरक्षा घेरा या चेतावनी के पर्याप्त इंतजाम न हों तो ऐसे स्थान खतरनाक साबित हो सकते हैं। हालांकि इस मामले में गड्ढे में पानी भरना ही पांचों की मौत की वजह बना या इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति थी, इसका अंतिम जवाब जांच के बाद ही मिल सकेगा।



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