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पटना। बिहार में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद 17 साल पुराने धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार की गई जनशक्ति जनता दल की प्रत्याशी वीणा मानवी को सोमवार को पटना की एक अदालत ने 10 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। नामांकन के बाद हुई थी गिरफ्तारी वीणा मानवी ने सोमवार को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था। जिलाधिकारी कार्यालय से बाहर निकलते ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई अदालत से जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर की गई। अदालत ने तुरंत दे दी जमानत गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने वीणा मानवी को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अभिषेक कुमार सिंह की अदालत में पेश किया। अदालत ने पाया कि मामले में लगी धाराएं जमानती हैं। इसके बाद कोर्ट ने 10 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के दो जमानतदारों पर उन्हें जमानत देने का आदेश दिया। क्या है 17 साल पुराना मामला यह मामला शिकायती मुकदमा संख्या 830(C)/2009 के तहत 4 जुलाई 2009 को दर्ज किया गया था। अदालत ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 403 और 418 के तहत वीणा मानवी के खिलाफ संज्ञान लिया था। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, लंबे समय से उनकी पेशी नहीं हो रही थी। लगातार अनुपस्थिति के कारण कोर्ट ने उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, जिसके आधार पर पुलिस ने सोमवार को कार्रवाई की। उपचुनाव में बना चर्चा का विषय नामांकन के तुरंत बाद गिरफ्तारी और फिर कुछ ही घंटों में अदालत से जमानत मिलने के घटनाक्रम ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को और अधिक चर्चाओं में ला दिया है। इस पूरे मामले ने चुनावी माहौल में नया राजनीतिक और कानूनी मोड़ जोड़ दिया है।



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