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पटना। बिहार की राजधानी पटना स्थित एक विशेष अदालत ने बिहार के बहुचर्चित टेंडर घोटाला मामले में जेल में बंद ठेकेदार रिशु श्री की नियमित जमानत याचिका आज खारिज कर दी। रिशु श्री की जमानत याचिका पर कोर्ट ने सुनाया फैसला पटना स्थित निगरानी की विशेष अदालत में ठेकेदार रिशु श्री की नियमित जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया। निगरानी के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह की अदालत ने 08 जुलाई को सुनवाई पूरी कर आदेश सुरक्षित रखा था और गुरुवार को फैसला सुनाते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे साफ है कि रिशु श्री को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। तारणीदास की जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित इसी टेंडर घोटाला मामले में जेल में बंद भवन निर्माण विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता तारणीदास की नियमित जमानत अर्जी पर भी गुरुवार को सुनवाई हुई। उनके वकील ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल निर्दोष हैं और उन्हें नियमित जमानत दी जानी चाहिए। वहीं, विशेष लोक अभियोजक आनंदी सिंह ने जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला 10 जुलाई 2026 तक के लिए सुरक्षित रख लिया। संजीव हंस की अग्रिम जमानत पर 10 जुलाई को सुनवाई मामले में आरोपित भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी संजीव हंस की अग्रिम जमानत याचिका पर भी अदालत में सुनवाई होनी थी लेकिन उनके वकील के अनुरोध पर अब इस मामले की सुनवाई 10 जुलाई को होगी। ऐसे में टेंडर घोटाले से जुड़े तीन बड़े नामों पर अदालत की कार्रवाई अब लगातार चर्चा में बनी हुई है। क्या है पूरा टेंडर घोटाला मामला यह मामला बिहार के अलग-अलग सरकारी विभागों में ठेकों के जरिए कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है। विशेष निगरानी इकाई ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया था। जांच पूरी होने के बाद आईएएस संजीव हंस समेत 7 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया। इसी मामले में अब जमानत और अग्रिम जमानत को लेकर अदालत में सुनवाई चल रही है।