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नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के बीच पेपरलीक की घटनाओं पर सख्ती के लिए लाए गए लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित हो गया। राहुल गांधी के बयान पर सदन में मचा हंगामा लोकसभा में बुधवार को विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण में इस्तेमाल किए गए एक कथित असंसदीय शब्द और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर लगाए गए आरोपों को लेकर सदन का माहौल गर्मा गया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने श्री गांधी की टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए उनसे आरोप साबित करने या माफी मांगने की मांग की। इसके बाद हंगामा बढ़ने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी के आरोपों को बताया गलत कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए श्री गांधी के आरोपों को तथ्यहीन बताया और कहा कि प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश किसी मंत्री का नहीं, बल्कि मजिस्ट्रेट का होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित प्रदर्शन के दौरान गोली चली ही नहीं थी और पुलिस ने संयमित कार्रवाई की थी। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के काफिले में 30 गाड़ियां चलने और उनके विदेश दौरे को लेकर श्री गांधी द्वारा दिए गए बयान भी पूरी तरह गलत हैं। प्रधानमंत्री आवास से बड़े बेआबरू होकर निकले डॉ. जितेंद्र सिंह ने 21 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास के बाहर श्री गांधी के धरने का भी जिक्र किया और कहा कि श्री राहुल गांधी वहां से हटने को तैयार नहीं थे और अंततः उन्हें हटाया गया। इसी दौरान उन्होंने मशहूर शेर पढ़ते हुए कहा- "बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले..." प्रियंका गांधी के आंकड़ों पर भी उठाए सवाल डॉ. सिंह ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने 152 पेपर लीक और करोड़ों छात्रों के प्रभावित होने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा कहां से आया, इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। मोदी सरकार ने गिनाईं शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियां केंद्रीय मंत्री ने जवाब के दौरान शिक्षा क्षेत्र में केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनवाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में देश में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की संख्या 7 से बढ़कर 20 हो गई है जबकि सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 844 हो चुकी है। इसके साथ ही मेडिकल शिक्षा की सीटों में भी बड़ा इजाफा किया गया है। पेपर लीक पर सरकार पूरी तरह गंभीर डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक की घटनाओं को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि जैसे ही पेपर लीक की जानकारी मिली, तत्काल केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराई गई। आरोपी गिरफ्तार किए गए और फिलहाल जेल में हैं। उन्होंने कहा कि नया संशोधन विधेयक सरकार की सख्ती और संवेदनशीलता दोनों को दर्शाता है। इसमें पेपर लीक के आरोपियों के लिए सजा और जुर्माने के प्रावधान पहले से कहीं अधिक कठोर किए गए हैं। ध्वनिमत से पारित हुआ विधेयक केंद्रीय मंत्री के जवाब के बाद विपक्ष की लगातार नारेबाजी के बीच लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक), 2026 को ध्वनिमत से पारित हो गया। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष श्री बिरला ने सदन की कार्यवाही गुरुवार पूर्वाह्न11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।



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