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मुंबई। अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में गतिरोध के बाद कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंता ने सोमवार को घरेलू शेयर बाजार को जोरदार झटका दिया और लगातार सात सप्ताह से जारी गिरावट का सिलसिला आगे बढ़ाते हुए सेंसेक्स 1124.02 अंक टूटकर 72771.72 तथा निफ्टी 360.25 अंक फिसलकर 22,780.25 पर बंद हुआ। शुरुआत से दबाव, फिर बढ़ती गई बिकवाली सोमवार को बाजार खुलते ही कमजोरी दिखाई देने लगी। सेंसेक्स पिछले बंद 73,895.74 अंक के मुकाबले 73,734.83 पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह 73,740.85 तक पहुंचा, लेकिन इसके बाद बिकवाली का दबाव बढ़ता चला गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स गिरते-गिरते 72,716.23 तक पहुंच गया। आखिर में यह 1,124.02 अंक यानी 1.52 फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ 72,771.72 पर बंद हुआ। यानी, बाजार बंद होने तक सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से कोई बड़ी वापसी नहीं कर सका। निफ्टी भी धड़ाम, 22,800 के नीचे बंद निफ्टी की चाल भी सेंसेक्स जैसी ही रही। पिछले बंद 23,140.50 के मुकाबले निफ्टी 23,064.90 पर खुला और दिन में अधिकतम 23,080.25 तक पहुंच सका। इसके बाद बिकवाली का दबाव ऐसा बढ़ा कि निफ्टी 22,762.20 के निचले स्तर तक लुढ़क गया। कारोबार खत्म होने पर निफ्टी 360.25 अंक यानी 1.56 फीसदी टूटकर 22,780.25 पर बंद हुआ। इस गिरावट ने भारतीय शेयर बाजार को करीब छह महीने के निचले स्तर तक पहुंचा दिया। बाजार की सबसे बड़ी टेंशन: 108 डॉलर का कच्चा तेल सोमवार की गिरावट के पीछे सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का रहा। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में गतिरोध के बाद अहम समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने और लड़ाई समाप्त करने के ईरानी प्रस्ताव को ठुकरा दिया। दूसरी ओर ईरान ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के साथ उसके संघर्ष का समाधान केवल कूटनीति के जरिए हो सकता है। दोनों पक्षों के बीच बने इस गतिरोध का असर सीधे कच्चे तेल की कीमतों पर दिखाई दिया। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 3.7 फीसदी उछलकर 108 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। तेल की यही छलांग भारतीय शेयर बाजार के लिए बड़ी चिंता बन गई। मिडकैप-स्मॉलकैप भी नहीं बच पाए सोमवार की बिकवाली केवल सेंसेक्स और निफ्टी की बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स 1.62 फीसदी गिरकर 16,305.78 पर आ गया। वहीं बीएसई 250 स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1.62 फीसदी टूटकर 7,029.96 पर पहुंच गया। इससे साफ रहा कि बाजार में बिकवाली का दायरा काफी व्यापक था और छोटी तथा मझोली कंपनियों के शेयर भी दबाव से नहीं बच सके। सबसे ज्यादा पिटे सरकारी बैंक अलग-अलग सेक्टरों की तस्वीर देखें तो लगभग हर तरफ लाल निशान दिखाई दिया, लेकिन सबसे ज्यादा चोट पीएसयू बैंक इंडेक्स को लगी। यह सूचकांक 3.25 फीसदी टूट गया। इसके बाद टेलीकम्युनिकेशन और पावर इंडेक्स में 2.30-2.30 फीसदी , यूटिलिटीज में 2.27 फीसदी , मिडस्मॉल प्राइवेट बैंक्स में 2.17 फीसदी , रियल्टी में 2.08 फीसदी और बैंकेक्स में 2.05 फीसदी की गिरावट रही। इंडस्ट्रियल्स और कैपिटल गुड्स भी 2-2 फीसदी टूट गए। बैंकिंग से ऑटो तक लाल ही लाल फाइनेंशियल सर्विसेज में 1.81 फीसदी , प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 1.86 फीसदी , ऑयल एंड गैस में 1.77 फीसदी , एनर्जी में 1.70 फीसदी , मेटल में 1.65 फीसदी और ऑटो में 1.61 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। एफएमसीजी 1.53 फीसदी और कमोडिटीज 1.50 फीसदी नीचे रहे। हालांकि आईटी शेयरों में नुकसान दूसरे सेक्टरों के मुकाबले कुछ कम रहा। आईटी इंडेक्स 0.47 फीसदी और फोकस्ड आईटी इंडेक्स 0.43 फीसदी फिसला। सेंसेक्स में लाल रंग की बाढ़, अकेला इन्फोसिस चमका सेंसेक्स के शेयरों की तस्वीर बाजार में बिकवाली की गंभीरता बताने के लिए काफी रही। इन्फोसिस अकेला शेयर रहा जो हरे निशान में बंद हुआ। इन्फोसिस 0.20 फीसदी की बढ़त के साथ 1,003 रुपये पर पहुंच गया। इसके उलट सूची में शामिल बाकी सेंसेक्स शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। एलएंडटी को सबसे बड़ी चोट, पावर ग्रिड और एचडीएफसी बैंक भी फिसले सेंसेक्स शेयरों में सबसे ज्यादा नुकसान एलएंडटी को हुआ। इसका शेयर 2.81 फीसदी गिरकर 3,770 रुपये पर बंद हुआ। पावर ग्रिड 2.62 फीसदी, अदाणी पोर्ट्स 2.38 फीसदी, एचडीएफसी बैंक 2.30 फीसदी, हिंदुस्तान यूनिलीवर 2.27 फीसदी और रिलायंस इंडस्ट्रीज 2.24 फीसदी नीचे बंद हुए। देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक एसबीआई भी बिकवाली की मार से नहीं बच सका। इसका शेयर 2.10 फीसदी गिरकर 961.90 रुपये पर आ गया। वहीं, आईसीआईसीआई बैंक में 1.90 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। रिलायंस से एसबीआई तक, दिग्गजों ने बढ़ाया दबाव बाजार की मुश्किल यह रही कि बिकवाली किसी एक या दो बड़े शेयर तक सीमित नहीं थी। बीईएल 1.78 फीसदी, ट्रेंट 1.71 फीसदी, एनटीपीसी 1.59 फीसदी, आईटीसी 1.45 फीसदी, इंडिगो 1.41 फीसदी, टाइटन 1.31 फीसदी और एमएंडएम 1.22 फीसदी नीचे बंद हुए। एशियन पेंट्स, इटरनल, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस और टाटा स्टील भी लाल निशान में रहे। वहीं, टीसीएस 0.59 फीसदी, एचसीएल टेक 0.45 फीसदी, कोटक बैंक 0.35 फीसदी और मारुति 0.26 फीसदी फिसले। यानी, दिग्गज शेयरों में फैली बिकवाली ने प्रमुख सूचकांकों पर लगातार दबाव बनाए रखा। एशियाई बाजारों से भी नहीं मिला सहारा दूसरे प्रमुख एशियाई शेयर बाजारों में भी ज्यादातर जगह कमजोरी दिखाई दी। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.70 फीसदी टूट गया, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट 1.67 फीसदी और जापान का निक्केई 0.73 फीसदी नीचे रहा। हालांकि हांगकांग का हैंगसेंग 0.54 फीसदी बढ़त में रहा।