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पटना। बिहार में बाल विकास और महिला सशक्तिकरण को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वेदांता की सामाजिक पहल नंद घर ने बिहार सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समझौता किया है, जिसके तहत राज्य के 1,000 आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक नंद घर में बदला जाएगा और इससे करीब एक लाख बच्चों, महिलाओं एवं ग्रामीण समुदाय को लाभ मिलेगा। अब आंगनवाड़ी बनेगी स्मार्ट डेवलपमेंट सेंटर नंद घर सिर्फ एक आंगनवाड़ी नहीं बल्कि आधुनिक विकास केंद्र होगा। यहां बच्चों के लिए स्मार्ट प्री-स्कूल शिक्षा, बेहतर पोषण, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं, साफ पीने का पानी और स्वच्छ शौचालय जैसी सुविधाएं मिलेंगी। वहीं महिलाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के नए अवसर भी तैयार किए जाएंगे, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। सरकार की योजनाओं को मिलेगा बड़ा सपोर्ट यह पहल केंद्र सरकार की सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 योजना के विजन के अनुरूप है। साथ ही यह बिहार सरकार के पोषण, शुरुआती शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और महिला सशक्तिकरण के मिशन को भी नई ताकत देगी। बिहार बना नंद घर अभियान का 18वां राज्य इस साझेदारी के साथ बिहार नंद घर अभियान से जुड़ने वाला 18वां राज्य बन गया है। देश के 17 राज्यों में पहले से करीब 15,000 नंद घर संचालित हो रहे हैं। यह अभियान आज भारत की सबसे बड़ी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) पहलों में से एक माना जाता है। अनिल अग्रवाल के लिए खास है यह पहल वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के लिए बिहार में नंद घर की शुरुआत सिर्फ एक नई परियोजना नहीं, बल्कि एक भावनात्मक उपलब्धि भी है। उनका बचपन बिहार में बीता है और वे कई बार कह चुके हैं कि शुरुआती संघर्ष और समाज के सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। अब अपने गृह राज्य के बच्चों और महिलाओं के लिए यह पहल उनके लंबे समय के सपने को साकार करती है। 'हर बच्चे को मिले बेहतर शुरुआत' अनिल अग्रवाल ने कहा कि बिहार उनके दिल के बेहद करीब है और यहां नंद घर अभियान की शुरुआत उनके लिए गर्व का पल है। उन्होंने कहा कि बचपन के शुरुआती छह साल किसी भी बच्चे के भविष्य की मजबूत नींव होते हैं। इस पहल से हजारों बच्चों को बेहतर शिक्षा और पोषण मिलेगा, जबकि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर मिलेंगे। सरकार बोली- मिलकर बदलेंगे गांवों की तस्वीर बिहार सरकार की समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर बच्चे को जीवन की बेहतर शुरुआत और हर महिला को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि 1,000 आंगनवाड़ी केंद्रों के नंद घर में बदलने से गांवों में शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास की सेवाएं पहले से कहीं अधिक मजबूत होंगी।



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