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कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर गैंगरेप और हत्या मामले में बुधवार को एक के बाद एक बड़े घटनाक्रम के तहत मुख्य आरोपियों में शामिल प्रभास मंडल पुलिस मुठभेड़ में मारा गया जबकि इसी केस में फरार चल रहे चौथे आरोपी कबीर मोल्ला को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि प्रभास मंडल की मां संध्या मंडल ने बेटे का शव लेने और अंतिम संस्कार में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि “उसने जो किया, उसकी सजा उसे मिल गई।” क्या है पूरा मामला बारुईपुर के सूर्यपुर इलाके में रविवार को एक 12 वर्षीय बच्ची का शव तालाब से बरामद हुआ था। आरोप है कि बच्ची के साथ गैंगरेप के बाद उसकी हत्या की गई। इस घटना ने पूरे इलाके में भारी गुस्सा भड़का दिया और विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिंसा भी हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाकर जांच शुरू की। मुख्य आरोपी प्रभास मंडल कैसे मारा गया पुलिस के मुताबिक, बुधवार तड़के प्रभास मंडल को उस तालाब के पास ले जाया गया था, जहां से बच्ची का शव बरामद हुआ था। वहां पुलिस टीम अपराध की पूरी कड़ी दोबारा जोड़ने और सबूतों की बरामदगी की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान प्रभास ने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी का सर्विस रिवॉल्वर छीन लिया और भागने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि उसने टीम पर फायरिंग भी की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली मार दी गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई आत्मरक्षा और आरोपी को भागने से रोकने के लिए की गई। मुठभेड़ के बाद प्रभास मंडल की मौत हो गई। मां का कड़ा रुख: ‘मैं शव नहीं लूंगी’ प्रभास मंडल की मौत के बाद जो बयान सामने आया, उसने इस मामले को और ज्यादा चर्चा में ला दिया। उसकी मां संध्या मंडल ने साफ कहा कि वह न तो बेटे का शव लेंगी और न ही उसे घर लाएंगी। उनके मुताबिक, सुबह पुलिसकर्मी घर पहुंचे और बेटे की मौत की जानकारी दी। उनसे पूछा गया कि क्या वह अस्पताल जाना चाहती हैं, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। संध्या मंडल ने कहा कि उनके पति बीमार हैं, इसलिए वह कहीं नहीं जा सकतीं और पुलिस जो जरूरी औपचारिकताएं हैं, वह पूरी कर सकती है। उन्होंने बेटे के लिए कोई सहानुभूति नहीं जताई और कहा कि उसने गंभीर अपराध किया था इसलिए उसे उसकी करतूत की सजा मिल चुकी है। चौथा आरोपी कबीर मोल्ला भी गिरफ्तार इसी बीच एसआईटी ने इस मामले में फरार चल रहे चौथे आरोपी कबीर मोल्ला को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, कबीर घटना सामने आने के बाद से लगातार छिपता फिर रहा था। उसे उत्तर 24 परगना के बसीरहाट में बुधवार तड़के चलाए गए एक ऑपरेशन के दौरान पकड़ा गया। अब उसे दक्षिण 24 परगना की अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उससे पूछताछ के लिए रिमांड मांग सकती है। कबीर की गिरफ्तारी के बाद इस केस में पकड़े गए आरोपियों की संख्या चार हो गई है। बाकी आरोपी अभी पुलिस हिरासत में इस मामले में प्रभास मंडल के अलावा दिबाकर सरदार और आनंद सरदार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। प्रभास की मुठभेड़ में मौत के बाद अब ये दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं जबकि कबीर मोल्ला की गिरफ्तारी से जांच एजेंसियों को पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है। इलाके में गुस्सा, विरोध के बाद हिंसा की भी जांच बच्ची का शव मिलने के बाद से पूरे जिले में भारी आक्रोश है। लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया, जो कई जगह हिंसक भी हो गया। पुलिस अब इस हिंसा की भी अलग से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज के आधार पर कई लोगों की पहचान की गई है और उपद्रव में शामिल लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का सख्त संदेश: ‘जीरो टॉलरेंस’ मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने भी सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बारुईपुर पहुंचकर जिला पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है और जांच को तेज, निष्पक्ष और पूरी तरह से ठोस बनाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बच्ची का शव मिलने के बाद जो हिंसा हुई, उसकी भी जांच जारी है और कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अब जांच किस दिशा में बढ़ेगी प्रभास मंडल की मौत और कबीर मोल्ला की गिरफ्तारी के बाद जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। पुलिस की कोशिश होगी कि बाकी आरोपियों से पूछताछ कर यह साफ किया जाए कि घटना में किसकी क्या भूमिका थी, बच्ची को कैसे निशाना बनाया गया और हत्या के बाद शव को तालाब तक कैसे पहुंचाया गया। SIT अब चारों आरोपियों के बीच कनेक्शन, घटना के समय की गतिविधियों और सबूतों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।