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मोतिहारी। बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि थाना क्षेत्र के मठलोहियार छतवनिया गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब 12 से 15 वर्ष की उम्र की तीन नाबालिग किशोरियां एक साथ लापता हो गईं। घर से रविवार को निकलीं तीनों बच्चियां देर शाम तक वापस नहीं लौटीं। परिजनों ने पहले गांव और आसपास के इलाकों में तलाश की लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस की शरण ली गई। अब इस मामले में सामने आई बापूधाम रेलवे स्टेशन से मुजफ्फरपुर तक की यात्रा और एक युवक की संदिग्ध फोन कॉल ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। लापता किशोरियों की पहचान उपेंद्र प्रसाद की 15 वर्षीय बेटी सुरभि कुमारी, जंगबहादुर यादव की 14 वर्षीय बेटी प्रतिमा कुमारी और जयप्रकाश सिंह की 12 वर्षीय बेटी खुशी कुमारी के रूप में हुई है। घर से निकलीं, फिर नहीं लौटीं परिजनों के मुताबिक, रविवार को तीनों किशोरियां अपने-अपने घरों से निकली थीं। काफी समय बीतने के बाद जब वे वापस नहीं आईं तो परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ की गई। गांव से लेकर आसपास के संभावित ठिकानों तक खोजबीन हुई, लेकिन तीनों का कोई पता नहीं चला। इसके बाद हरसिद्धि थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। ग्रामीणों के अनुसार, तीनों किशोरियां आपस में परिचित थीं और अक्सर साथ रहती थीं। एक ग्रामीण ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि रविवार को तीनों को हरसिद्धि बाजार की ओर जाते हुए देखा गया था। इसके बाद उनकी गतिविधियों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। बापूधाम से ट्रेन, मुजफ्फरपुर के बाद रहस्य पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में सबसे अहम जानकारी यह सामने आई है कि तीनों किशोरियां बापूधाम रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर मुजफ्फरपुर पहुंची थीं। इसके बाद उनकी लोकेशन का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि मुजफ्फरपुर पहुंचने के बाद तीनों कहां गईं? क्या वे वहां से किसी अन्य स्थान के लिए रवाना हुईं या कोई व्यक्ति उन्हें अपने साथ ले गया? पुलिस उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल नंबर और अन्य सूचनाओं के आधार पर इन सवालों के जवाब तलाश रही है। एक फोन कॉल ने बढ़ाई पुलिस की बेचैनी जांच के दौरान एक युवक द्वारा फोन किए जाने की सूचना भी सामने आई है। हालांकि फोन पर हुई बातचीत की पूरी जानकारी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस संबंधित मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कॉल कहां से की गई थी तथा उसका तीनों किशोरियों के लापता होने से कोई संबंध है या नहीं। शक के आधार पर पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। गांव में सन्नाटा, परिवार तलाश में भटक रहा घटना के बाद गांव में चिंता और बेचैनी का माहौल है। किशोरियों के घरों पर पहुंचने पर परिवार की महिलाएं ही मिलीं। उन्होंने मामले पर बातचीत करने से परहेज किया। बताया गया कि परिवार के पुरुष सदस्य किशोरियों की तलाश में बाहर निकले हुए हैं। तीनों के एक साथ लापता होने और उनके ट्रेन से मुजफ्फरपुर पहुंचने की जानकारी सामने आने के बाद मामला महज गुमशुदगी तक सीमित नहीं रह गया है। पुलिस अब मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और यात्रा से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों के सहारे किशोरियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। हरसिद्धि थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि तीनों किशोरियों के लापता होने की शिकायत मिली है। गुमशुदगी का मामला दर्ज कर खोजबीन की जा रही है। उन्होंने बताया कि एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पुलिस मामले का जल्द खुलासा करने का प्रयास कर रही है। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता तीनों किशोरियों की सुरक्षित बरामदगी है। पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, यह साफ होने की उम्मीद है कि तीनों किशोरियां मुजफ्फरपुर के बाद कहां गईं और उनके साथ वास्तव में क्या हुआ।