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पटना। बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार ने राज्य के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकार को पत्र जारी कर संधि योग्य ट्रैफिक चलानो की सुनवाई स्थाई लोक अदालत में किए जाने का निर्देश दिया है। उच्च न्यायालय के फैसले के बाद जारी हुआ निर्देश राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के सदस्य सचिव धर्मेंद्र कुमार सिंह के हस्ताक्षर से 08 जुलाई 2026 को जारी पत्र में पटना उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला दिया गया है। पत्र में कहा गया है कि राज्य में बड़ी संख्या में ट्रैफिक चालान लंबित हैं, इसलिए संधि योग्य सभी ट्रैफिक चालानों की सुनवाई स्थाई लोक अदालत में सुनिश्चित की जाए। जिलों को समन्वय बनाकर तेजी से निपटारा करने का निर्देश जारी पत्र में सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकारों से कहा गया है कि ट्रैफिक चालानों के त्वरित निष्पादन के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी, यातायात पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि पटना उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में किसी प्रकार की कठिनाई आती है, तो उसकी जानकारी तुरंत राज्य विधिक सेवा प्राधिकार को दी जाए। पटना में तुरंत शुरू हुई तैयारी, लोक अदालत के बाहर लगाया गया नोटिस निर्देश मिलते ही पटना जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने ट्रैफिक चालानों की सुनवाई के लिए आवश्यक व्यवस्था पूरी कर दी है। इस संबंध में स्थाई लोक अदालत के पास नोटिस वाला पोस्टर भी लगा दिया गया है , ताकि आम लोगों को नई व्यवस्था की जानकारी मिल सके। पटना सिविल कोर्ट में कार्यरत है तीन सदस्यीय स्थाई लोक अदालत फिलहाल पटना सिविल कोर्ट में स्थापित जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तहत संचालित स्थाई लोक अदालत में तीन सदस्यीय पीठ काम कर रही है। इसमें अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार पांडे के साथ सदस्य रेशमा प्रसाद और संजय शुक्ला शामिल हैं। आम लोगों को क्या होगा फायदा? इस नई व्यवस्था से ट्रैफिक चालानों के मामलों में तेजी से सुनवाई होने की उम्मीद है। इससे न सिर्फ अदालतों पर बोझ कम होगा, बल्कि आम लोगों को भी लंबे इंतजार और जटिल प्रक्रिया से राहत मिल सकती है।