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यह भारत सरकार की एक बड़ी योजना है, जिसका मकसद देश में अनाज (खाद्यान्न) का उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आय बढ़ाना है। 👉 यह योजना क्या है? किसानों को अच्छे बीज, खाद, मशीन और तकनीक देने में मदद की जाती है ताकि ज्यादा और बेहतर फसल हो सके यह योजना पूरे देश में चलती है 👉 योजना कब शुरू हुई? वर्ष 2007–08 में 👉 किसके द्वारा चलाई जाती है? भारत सरकार और राज्य सरकार मिलकर मुख्य मंत्रालय: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय 👉 किन फसलों पर ध्यान है? धान (चावल) गेहूं दालें मोटा अनाज (ज्वार, बाजरा आदि) तिलहन (सरसों आदि) कपास गन्ना 👉 योजना का उद्देश्य देश में अनाज उत्पादन बढ़ाना किसानों की आय बढ़ाना मिट्टी की उर्वरता सुधारना पोषण सुरक्षा (पौष्टिक अनाज) बढ़ाना 👉 किसानों को क्या-क्या मदद मिलती है? अच्छे और उन्नत बीज खाद और सूक्ष्म पोषक तत्व कृषि मशीनों पर सहायता कीटनाशक और फसल सुरक्षा सामग्री लगभग 50% तक सब्सिडी 👉 योजना कैसे काम करती है? किसानों को समूह (क्लस्टर) में जोड़कर काम कराया जाता है नई तकनीक सिखाने के लिए प्रशिक्षण (Training) दिया जाता है खेतों में डेमो (प्रदर्शन) किया जाता है कस्टम हायरिंग सेंटर से मशीन किराए पर मिलती है 👉 किसको फायदा मिलता है? सभी किसान (छोटे, सीमांत, मध्यम) खासकर वे किसान जो उत्पादन बढ़ाना चाहते हैं 👉 जरूरी डॉक्यूमेंट आधार कार्ड बैंक पासबुक जमीन के कागज किसान पंजीकरण (DBT) मोबाइल नंबर 👉 आवेदन कैसे करें? DBT Agriculture पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन या नजदीकी CSC (वसुधा केंद्र) से 👉 आवेदन कहाँ जमा करें? कृषि समन्वयक (पंचायत स्तर) प्रखंड कृषि पदाधिकारी (BAO) किसान सलाहकार CSC केंद्र 👉 योजना के फायदे फसल की पैदावार बढ़ती है लागत कम होती है नई तकनीक सीखने को मिलती है किसानों की आय बढ़ती है 👉 नई जानकारी 2022 में इसका नाम बदलकर “खाद्य एवं पोषण सुरक्षा योजना (F&NS)” कर दिया गया अब इसमें पोषण वाले अनाज (जैसे मोटा अनाज) पर भी जोर है।



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