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छपरा। नई ट्रेनों की सौगात, रेल नेटवर्क के विस्तार और बुलेट ट्रेन के बड़े सपनों के बीच बिहार की रेल यात्रा ने शुक्रवार को नई रफ्तार पकड़ी, जब छपरा से दिल्ली तक सीधी कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली दो नई रेल सेवाओं का शुभारंभ हुआ और भविष्य में दिल्ली से पटना का सफर महज 4 घंटे 41 मिनट में पूरा होने का रोडमैप भी सामने रखा गया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छपरा जंक्शन से दो नई रेल सेवाओं का शुभारंभ और एक ट्रेन सेवा के विस्तार को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही मढ़ौरा लोकोमोटिव फैक्टरी से गिनी गणराज्य को निर्यात होने वाले 51वें रेल इंजन को भी रवाना किया गया। रेल मंत्री ने छपरा-दिल्ली साप्ताहिक एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मऊ-दिल्ली एक्सप्रेस का शुभारंभ और दोहरीघाट-औंड़िहार ट्रेन सेवा का वाराणसी सिटी तक विस्तार किया गया। वादा पूरा, अब पटरी पर दौड़ेंगी नई रेल सेवाएं श्री वैष्णव ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि 11 मई 2026 को दोहरीघाट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिन तीन रेल सेवाओं की घोषणा की गई थी, उन्हें निर्धारित समय में शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में पुणे से पटना के लिए भी नई रेल सेवा शुरू की गई है और आने वाले समय में बिहार को और अधिक ट्रेन सुविधाएं मिलेंगी। बिहार में रेलवे को मिला रिकॉर्ड बजट रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार में रेलवे विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। पहले बिहार को रेलवे के लिए औसतन एक हजार करोड़ रुपये का बजट मिलता था लेकिन अब यह बढ़कर 10 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में तीसरी और चौथी रेल लाइन, रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी), स्टेशन पुनर्विकास और नई रेल परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। 98 स्टेशन बन रहे 'अमृत भारत स्टेशन' श्री वैष्णव ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बिहार के 98 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और पुनर्निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बिहार में 14 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं और अमृत भारत ट्रेनों की संख्या भी देश में सबसे अधिक है। बुलेट ट्रेन का सपना भी जल्द होगा साकार रेल मंत्री ने बिहार के लिए एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में राज्य को बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन चलाने की योजना है। इसके पूरा होने के बाद दिल्ली से पटना की दूरी महज 4 घंटे 41 मिनट में तय की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन अगले वर्ष शुरू होने की संभावना है और देशभर में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। भविष्य में लगभग 7,000 किलोमीटर के नेटवर्क पर बुलेट ट्रेनें दौड़ेंगी। छपरा-दिल्ली एक्सप्रेस से यात्रियों को बड़ी राहत श्री वैष्णव ने कहा कि छपरा-दिल्ली एक्सप्रेस की मांग लंबे समय से की जा रही थी। इसके शुरू होने से छपरा, बलिया, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, सुल्तानपुर, लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़ और दिल्ली के बीच सीधा संपर्क मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि इससे लाखों यात्रियों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। बिहार का रेलवे नक्शा बदल रहा है रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल में बिहार में 2,034 किलोमीटर नए रेल ट्रैक बिछाए गए हैं, जो मलेशिया के कुल रेल नेटवर्क से भी अधिक हैं। उन्होंने बताया कि विक्रमशिला-कटेरिया नई लाइन, गंगा रेल पुल, नरकटियागंज-रक्सौल, सीतामढ़ी-दरभंगा, सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर दोहरीकरण, भागलपुर-जमालपुर तीसरी लाइन और राजगीर-तिलैया परियोजनाओं सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम चल रहा है। अगले सात से आठ वर्षों में बिहार में 200 नई रेलगाड़ियां चलाने की क्षमता विकसित हो जाएगी। मुख्यमंत्री बोले- बिहार के लिए ऐतिहासिक दिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अवसर को बिहार और विशेष रूप से छपरा के लिए ऐतिहासिक बताया और कहा कि नई रेल सेवाओं से बिहार का संपर्क देश की राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से और मजबूत होगा। वर्तमान में बिहार में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के 38 में से 36 जिले रेल नेटवर्क से जुड़ चुके हैं और बुलेट ट्रेन परियोजना बिहार के परिवहन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। गिनी के लिए रवाना हुआ 51वां इंजन कार्यक्रम का एक और अहम आकर्षण मढ़ौरा लोकोमोटिव फैक्टरी से गिनी गणराज्य को निर्यात होने वाले 51वें डब्ल्यूडीजी4जी रेल इंजन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करना रहा। यह भारत के बढ़ते रेल विनिर्माण और वैश्विक निर्यात क्षमता का प्रतीक माना जा रहा है। क्या बदलेगा * छपरा से दिल्ली की सीधी रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी * मऊ और वाराणसी क्षेत्र के यात्रियों को नई सुविधा मिलेगी * बिहार में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति मिलेगी * बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर उम्मीदें बढ़ेंगी * रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा



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