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पटना/सहरसा/सीवान/छपरा। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में सहरसा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) अजीत अमर के खिलाफ शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सीवान, सहरसा और छपरा स्थित उनके चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की जबकि प्रारंभिक जांच में उनकी ज्ञात आय से 62.20 लाख रुपये अधिक की संपत्ति और सारण में 32 महीने की पोस्टिंग के दौरान उनके तथा उनकी पत्नी के बैंक खातों में 2.51 करोड़ रुपये से ज्यादा के लेन-देन का मामला सामने आया है। बिहार पुलिस मुख्यालय के आर्थिक अपराध प्रभाग ने शुक्रवार को बताया कि ईओयू की टीमें शुक्रवार सुबह अलग-अलग स्थानों पर पहुंचीं। छापेमारी के दायरे में सीवान के रैनी गांव स्थित पैतृक और निजी आवास, सहरसा के नया बाजार स्थित किराए का मकान और सरकारी कार्यालय तथा छपरा की गंडक कॉलोनी स्थित सरकारी आवास को शामिल किया गया। सीवान में 6 घंटे चली तलाशी, दस्तावेज लेकर लौटी टीम सीवान के दरौंदा प्रखंड स्थित रैनी गांव में ईओयू की टीम सुबह करीब नौ बजे पहुंची। बताया गया कि मकान में ताला बंद था। करीब साढ़े 11 बजे ताला खुलवाने के बाद टीम ने तलाशी शुरू की। पैतृक आवास पर करीब छह घंटे तक जांच चली।छापेमारी के लिए नौ सदस्यीय टीम पहुंची थी। तलाशी के दौरान कुछ दस्तावेज मिले हैं, जिन्हें टीम अपने साथ ले गई है। सहरसा में घर और ऑफिस पर एक साथ रेड सहरसा में ईओयू की टीम सुबह करीब आठ बजे पहुंची और नया बाजार स्थित डीपीओ के किराए के मकान तथा उनके सरकारी कार्यालय में एक साथ तलाशी शुरू की। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों से भी पूछताछ किए जाने की बात सामने आई है। वहीं, छपरा की गंडक कॉलोनी स्थित सरकारी आवास पर सुबह करीब साढ़े आठ बजे स्थानीय पुलिस के साथ ईओयू की टीम ने छापेमारी की। ईओयू का दावा- ज्ञात आय से 62.20 लाख ज्यादा संपत्ति ईओयू की प्रारंभिक जांच में दावा किया गया है कि अजीत अमर ने अपनी ज्ञात आय से 62 लाख 20 हजार 550 रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की। जांच एजेंसी के मुताबिक, यह उनकी वैध आय की तुलना में करीब 72.35 प्रतिशत अधिक है। इसी आय से अधिक संपत्ति के मामले को लेकर ईओयू ने उनके अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई की है। 32 महीने की सैलरी 27.43 लाख, खातों में 2.51 करोड़ का लेन-देन अजीत अमर करीब छह महीने पहले छपरा से स्थानांतरित होकर सहरसा आए थे। छपरा में तैनाती के दौरान भी उन पर गंभीर आरोप लगे थे। पूर्व में गठित जांच समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, सारण में 32 महीने की नौकरी के दौरान उनकी कुल सैलरी 27 लाख 43 हजार 40 रुपये थी। इसी अवधि में उनके और उनकी पत्नी के बैंक खातों में कुल 2 करोड़ 51 लाख 6 हजार 562 रुपये का लेन-देन मिलने की बात कही गई। यानी जिस अवधि में करीब 27.43 लाख रुपये वेतन मिलने की बात रिपोर्ट में है, उसी दौरान पति-पत्नी के खातों में ढाई करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन जांच के केंद्र में आ गया। हालांकि, बैंक खातों में लेन-देन की पूरी रकम को अपने आप अवैध आय नहीं माना जा सकता और इसकी प्रकृति तथा स्रोत का निर्धारण जांच के आधार पर होगा। जांच समिति को 3 करोड़ से ज्यादा अवैध आय की आशंका पांच सदस्यीय जांच समिति ने प्रथम दृष्टया इसे आय से अधिक संपत्ति का मामला माना था। समिति ने आशंका जताई थी कि कथित अवैध आय का वास्तविक आंकड़ा तीन करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। इसी कारण परिवार के अन्य सदस्यों के बैंक खातों और संपत्तियों की भी विस्तृत जांच की अनुशंसा की गई थी। पत्नी के नाम 6 बीघा 9 कट्ठा जमीन खरीदने का दावा जांच के दौरान अजीत अमर की पत्नी पूजा कुमारी के नाम एकमा प्रखंड में करीब 6 बीघा 9 कट्ठा 8 धुर जमीन खरीदे जाने की बात भी सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, इस जमीन की खरीद कीमत 41.50 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा करोड़ों रुपये की लागत से मकान बनवाने का दावा भी किया गया है। जांच समिति ने इन संपत्तियों और उनसे जुड़े वित्तीय स्रोतों की विस्तृत जांच की सिफारिश की थी। अब दस्तावेज और बैंक ट्रांजेक्शन खोलेंगे संपत्ति का राज ईओयू की शुक्रवार की कार्रवाई के बाद जांच का फोकस छापेमारी में मिले दस्तावेज, बैंक खातों में हुए लेन-देन और संपत्तियों की खरीद के लिए इस्तेमाल रकम के स्रोत पर रहने की संभावना है। फिलहाल 62.20 लाख रुपये की कथित आय से अधिक संपत्ति, 32 महीने में 2.51 करोड़ रुपये से ज्यादा का बैंक लेन-देन, पत्नी के नाम जमीन और रिश्वत मांगने की शिकायत इस मामले की प्रमुख कड़ियां हैं।



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