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पटना: बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के गठन के बाद आज हुई पहली अहम बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कार्यकर्ताओं और नेताओं को सरकार की योजनाएं जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने, जिला-प्रखंड स्तर पर समन्वय मजबूत करने और जमीनी फीडबैक के आधार पर आगे की रणनीति तय करने का संदेश दिया। बैठक में सबसे ऊपर रहा नीतीश कुमार का संदेश नई सम्राट सरकार के गठन के बाद यह राजग की पहली बड़ी राजनीतिक-संगठनात्मक बैठक थी, लेकिन इसकी सबसे बड़ी राजनीतिक अहमियत इस बात से बनी कि इसमें पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद रहे और उन्होंने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। लोकसेवक भवन स्थित नेक संवाद सभागार में आयोजित एनडीए घटक दलों के जिला अध्यक्षों की इस बैठक में नीतीश कुमार ने संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर जोर दिया। बैठक में मौजूद नेताओं के मुताबिक, संदेश साफ था कि सरकार की योजनाएं सिर्फ फाइलों और घोषणाओं तक सीमित न रहें, बल्कि उनका असर जनता तक दिखना चाहिए और इसके लिए जिला व प्रखंड स्तर तक गठबंधन के कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका जरूरी है। सम्राट सरकार के 100 दिन, अब फीडबैक के जरिए होगी अगली दिशा तय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई में हुई इस बैठक में सरकार के पहले 100 दिनों के कामकाज की समीक्षा की गई। यह देखा गया कि अब तक सरकार ने कौन-कौन से फैसले लिए, किन योजनाओं पर काम आगे बढ़ा और किन क्षेत्रों में अभी ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। सूत्रों के अनुसार, बैठक का बड़ा फोकस सिर्फ उपलब्धियां गिनाने पर नहीं बल्कि जिला अध्यक्षों और स्थानीय संगठन से फीडबैक लेने पर भी था ताकि यह समझा जा सके कि सरकार की योजनाएं जमीन पर कितनी असरदार हैं, लोगों की प्राथमिकताएं क्या हैं और किन जिलों में विकास की जरूरतें सबसे ज्यादा हैं। नीतीश से सम्राट तक एक ही संदेश: योजनाएं जनता तक पहुंचनी चाहिए बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि एनडीए सरकार के जनकल्याणकारी कार्यों को आमजन तक पहुंचाना अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने विकसित बिहार के संकल्प को पूरा करने में सक्रिय भागीदारी की अपील की। जिला और प्रखंड स्तर तक मजबूत होगा एनडीए का नेटवर्क एनडीए सूत्रों के अनुसार, बैठक का सबसे अहम एजेंडा जिला और प्रखंड स्तर पर समन्वय को मजबूत करना था। इसका मकसद यह है कि गठबंधन के सभी घटक दलों के नेता और कार्यकर्ता सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, जनता के बीच संवाद और राजनीतिक संदेश तीनों पर मिलकर काम करें । जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी कहा कि यह पहल सिर्फ पटना तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि पूरे बिहार में जिला और प्रखंड स्तर पर समन्वय की व्यवस्था बनाई गई है ताकि गठबंधन हर स्तर पर प्रभावी ढंग से काम कर सके। विवादित मुद्दों पर ‘एक सुर’ की तैयारी बैठक में सिर्फ सरकार की योजनाओं और विकास कार्यक्रमों की बात नहीं हुई बल्कि राजनीतिक रूप से संवेदनशील और विवादास्पद मुद्दों पर भी राजग की साझा रणनीति पर चर्चा हुई। नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि गठबंधन के सभी दल सार्वजनिक रूप से एकजुट रुख अपनाएं और ऐसे विरोधाभासी बयान देने से बचें, जिनका विपक्ष फायदा उठा सके। जमीनी फीडबैक से तय होंगी आगे की प्राथमिकताएं बैठक में जिला अध्यक्षों से यह भी जानने की कोशिश की गई कि उनके-अपने इलाकों में सरकारी योजनाओं का असर कैसा है , स्थानीय विकास की प्राथमिकताएं क्या हैं और जनता सरकार से क्या उम्मीद कर रही है । इस फीडबैक का इस्तेमाल आगे नीतिगत प्राथमिकताएं तय करने और जिलावार विकास की जरूरतों को पहचानने में किया जाएगा।



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