Full Story
पटना। बिहार की राजधानी पटना की एक सत्र अदालत ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के जुर्म में आज उसके पति को तीन वर्ष के सश्रम कारावास के साथ ही 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने धारा 306 के तहत ठहराया दोषी जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-25 छेदीराम की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र निवासी कौशल अग्रवाल को भारतीय दंड विधान की धारा 306 के तहत दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। अदालत ने यह भी कहा कि यदि दोषी जुर्माने की राशि अदा नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त छह माह का कारावास भुगतना होगा। अभियोजन ने बताई पूरी घटना मामले की विशेष लोक अभियोजक अन्नपूर्णा गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में कदमकुआं थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। अदालत में यह साबित हुआ कि पीड़िता डौली कुमारी की शादी वर्ष 2015 में कौशल अग्रवाल से हुई थी। दहेज प्रताड़ना से तंग आकर की थी आत्महत्या अभियोजन के अनुसार, दोषी पति दहेज की मांग को लेकर पीड़िता को लगातार प्रताड़ित करता था। इसी प्रताड़ना से तंग आकर डौली कुमारी ने 18 फरवरी 2021 को आत्महत्या कर ली थी। छह गवाहों के बयान से साबित हुआ आरोप विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने अपने आरोपों को साबित करने के लिए अदालत में छह गवाहों के बयान दर्ज कराए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।



Comments
0