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पटना। नीट पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्र आंदोलन पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में छात्र संगठनों ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) और राष्ट्रीय युवा आंदोलन (आरवाईए) के आह्वान पर शुक्रवार को बिहार बंद के दौरान पटना समेत कई जिलों में प्रदर्शन उग्र हो गया, जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प, पत्थरबाजी, हिरासत और तेजप्रताप यादव को डिटेन किए जाने की घटनाओं के बीच पूरे राज्य में हाई अलर्ट पर 70 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए। छात्र संगठन आईसा और राष्ट्रीय युवा आंदोलन के आह्वान पर शुक्रवार को बुलाए गए बिहार बंद का असर सुबह से ही कई जिलों में देखने को मिला। राजधानी पटना में गांधी मैदान से लेकर डाकबंगला चौराहे तक हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की, जिसके बाद झड़प और पत्थरबाजी हुई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा और जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं श्री लालू प्रसाद यादव बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को हिरासत में ले लिया। मोबाइल टावर पर चढ़े प्रदर्शनकारी, तेजप्रताप भी पहुंचे बिहार बंद के दौरान गांधी मैदान के पास बड़ी संख्या में छात्र जुटे। रामगुलाम चौक के पास कुछ प्रदर्शनकारी मोबाइल टावर पर चढ़ गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान जेजेडी अध्यक्ष तेजप्रताप यादव भी हाथ में तिरंगा लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए। डाकबंगला चौराहे पर झड़प, पुलिस ने संभाला मोर्चा प्रदर्शनकारी जब डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़े तो पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इसके बाद छात्रों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों की ओर से पत्थरबाजी की गई, जिसके जवाब में पुलिस ने उन्हें पीछे धकेला और कई लोगों को हिरासत में लिया। श्री तेजप्रताप यादव को भी पुलिस ने डिटेन कर लिया। छपरा में बैरिकेडिंग लेकर भागे छात्र, सीवान में अनोखा प्रदर्शन छपरा से मिली जानकारी के अनुसार, छात्रों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए सरकारी भवन पर चढ़कर पोस्टर फाड़ दिए। कई प्रदर्शनकारी पुलिस की बैरिकेडिंग उठाकर ले जाते भी दिखाई दिए। इस दौरान सड़क जाम होने से एक न्यायाधीश की गाड़ी भी फंस गई। सीवान से प्राप्त सूचना के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान एक छात्र कॉकरोच की वेशभूषा पहनकर विरोध करता नजर आया। वहीं, सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने के आरोप में एक युवक को हिरासत में लिया गया। मधेपुरा में हिरासत, पटना में पहले ही रोक दिए गए छात्र मधेपुरा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन कर रहे 20 से अधिक छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया। वहीं पटना के जेपी गोलंबर पर जैसे ही छात्र इकट्ठा हुए, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से पहले ही डिटेन कर लिया। दरभंगा रेलवे स्टेशन पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पूरे बिहार में हाई अलर्ट, 70 हजार जवान तैनात बिहार बंद को देखते हुए पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। करीब 70 हजार पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की गई है। राज्यभर में पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। पटना के जेपी गोलंबर पर वाटर कैनन के साथ करीब 200 जवान तैनात किए गए हैं। इसके अलावा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं। स्कूल बंद, संवेदनशील इलाकों पर कड़ी नजर बंद के मद्देनजर पटना, बेगूसराय और औरंगाबाद समेत कई जिलों में स्कूल बंद रखे गए हैं। विधानसभा, पटना जंक्शन, हवाईअड्डा, राजेंद्र नगर टर्मिनल, बिहार म्यूजियम और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। सरकार की सख्त चेतावनी मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि किसी भी असामाजिक तत्व को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। पुलिस महानिदेशक (डीजी) कुंदन कृष्णन ने चेतावनी दी कि हिंसा और उपद्रव करने वालों की पहचान कर उनके पोस्टर जारी किए जाएंगे। पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने भी साफ कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। विपक्ष का समर्थन, कांग्रेस का कैंडल मार्च बिहार बंद को राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस, विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) और वाम दलों का समर्थन मिला है। कांग्रेस ने नीट पेपर लीक के विरोध में राज्य के सभी जिलों में कैंडल मार्च निकालने की घोषणा की है। गौरतलब है कि 22 जुलाई को हुए छात्र आंदोलन में हिंसा के मामले में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा-माले) विधायक संदीप सौरव , आईसा के प्रदेश अध्यक्ष धनंजय , प्रदेश सचिव दीपांकर मिश्रा समेत 19 लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।



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